चुनावी मुद्दा ना बनें सुशांत की मौत
फिर चुनाव का दौरा आ रहा है फिर से हर बेरोजगार, गरीब के मन में ख्याल आया है कि शायद इस बार उसके बारे में भी सोचा जाएगा लेकिन वह क्यूं हर बार भूल जाता है कि राजनीति में कोई किसी का नहीं होता। उल्लेखनीय है कि, बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राजनीतिक पार्टियों ने अपनी पैतरेबाजी शुरू कर दी है। और इसी कड़ी में ही बीजेपी ने दिवंगत फिल्म अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत को चुनावी मुद्दा बनाने की रणनीति भी तैयार कर ली है। व शायद यही वजह है कि, बीजेपी के वरुण कुमार सिंह ने एक पोस्टर जारी किया है, जिसमें दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मुस्कुराती हुई फोटो लगी हुई है।
फोटो के ऊपर जस्टिस फॉर सुशांत भी लिखा है एंव नीचे लिखा है- ना भूले हैं, ना भूलने देंगे। तथा इस फोटो पर बीजेपी का चुनाव चिन्ह कमल का भी निशान है, जिसके नीचे लिखा है कला एवं संस्कृति प्रकोष्ठ, भाजपा, बिहार प्रदेश।बहरहाल, बिहार में बीजेपी ने 30 हजार स्टिकर और 30 हजार मास्क भी बनवाए थे, जिन्हें बांटा भी गया है एंव वरुण कुमार सिंह का कहना है कि, राजपूत को न्याय दिलाने के लिए वह पिछले 16 जून से ही अभियान चला रहे हैं।और 14 जून की घटना के बाद से ही सुशांत को इंसाफ दिलाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहें हैं।दरअसल, बिहार विधानसभा चुनाव नजदीक है और ऐसे में जनता से जुड़ने के लिए पार्टियां हर हथकंडा अपना रही हैं। व इसी क्रम में ही बिहार बीजेपी ने एक ऐसे मुद्दे को उठाया है, जिसपर अभी पूरे देश की नजर है और वह मुद्दा है अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत का और इसीलिए बिहार में सुशांत सिंह राजपूत की मौत चुनावी मुद्दा बन चुका है। गौरतलब है कि, बिहार बीजेपी के दफ्तर से लेकर कार, रिक्शा, ठेले पर सुशांत सिंह राजपूत का फोटो वाला स्टिकर, जिसपर नारा लिखा गया है कि 'ना भूले हैं, ना भूलने देंगे' छाया हुआ है और इसी संबंध में ही इसीलिए इसके इतने अधिक पोस्टर छपवाए हैं। वैसे बीजेपी का कहना है कि, सुशांत सिंह राजपूत की मौत का मामला दिल का है न कि दिमाग का और इसे चुनाव से जोड़ा ही इसीलिए है कि सुशांत को जल्द से जल्द न्याय मिल सकें।
वहीं, इस संबंध में बिहार बीजेपी के प्रवक्ता निखिल आनंद का भी कहना है कि, बिहार बीजेपी का कला- संस्कृति मंच विभिन्न विधाओं के कलाकारों का मंच है व इस मंच के सदस्यगण सुशांत सिंह राजपूत के निधन के बाद से ही उनके न्याय की मुहिम का समर्थन भी कर रहे हैं एंव उन्होने सुशांत के प्रति अपने श्रद्धा- प्रेम के इज़हार का अपना ही तरीका निकाला है। तथा कला- संस्कृति मंच के कलाकारों ने बिहार के बेटे और बॉलीवुड के उभरते सितारे के लिए अपनी भावना का उदगार किया है, जिसका हम सभी को सम्मान करना चाहिए। वैसे बिहार बीजेपी ने सुशांत की संदेहास्पद मृत्यु के बाद उनके परिजनों, समर्थकों, प्रशंसकों और शुभचिन्तकों के साथ भी न्याय की मुहिम का समर्थन किया था। गौरतलब है कि, कला- संस्कृति मंच के संयोजक वरुण सिंह ने सुशांत की यादों को संजोने और जिंदा रखने के लिए विभिन्न कार्यक्रम भी प्लान किए हैं, जो अवश्य ही स्वागतयोग्य कदम है। वैसे तो बीजेपी व समस्त विश्व सुशांत सिंह राजपूत मामले की निष्पक्ष जांच चाहते है। व सुशांत के मामले में सीबीआई की जांच चल रही है। और ड्रग्स कनेक्शन को लेकर एनसीबी ने भी बड़ी कार्रवाई करते हुए रिया चक्रवर्ती के भाई शोविक और सैमुअल मिरांडा को गिरफ्तार किया था।
जिसके बाद कोर्ट ने दोनों को 9 सितंबर तक कस्टडी में रखने का आदेश दिया है। एंव जांच एजेंसीयां वैसे तो सुशांत मामले में पूरी तहकीकात कर ही रही हैं और यकीन है कि जल्द ही सच सब के सामने आएगा और बहुतों के चेहरे बेनकाब होंगे। बहरहाल, सुशांत के लिए हमारे इन मनोभावना को प्रकट करने का अपना तरीका हो सकता है, जिसको राजनीतिक रंग देना बिल्कुल गलत है पर जो लोग सच में इस मामलें को सिर्फ राजनीति के लिए ही हवा दे रहे हैं वह बेहद ही शर्मनाक है।
-निधि जैन