हैशटैग बैन टिकटॉक ?

दुनिया जहां कोरोना महामारी से त्रस्त है। सबकी कमाई बंद हो गई है। वही चीन रोज भारत से 2000 करोड़ रुपए कमा रहा है। कोविड़-19 संकट के दौरान भी चीन को पब्जी और टिकटॉक के जरिए रोजाना कई करोड़ों की आमदनी हो रही है।

लेकिन यूट्यूबर और टिकटॉकर्स की लड़ाई के कारण, अश्लील वाक्य का उपयोग एंव लोकप्रियता पाने के लिए घटिया हरकत इत्यादि करने को रोकने के लिए टिकटॉक को बैन करने पर जोर दिया जा रहा हैं। हालही में टिकटॉक स्टार फैसल सिद्दीकी के एक वीडियो पर भी विवाद हो गया। जिसके बाद उनके खिलाफ ट्विटर पर लोगों का गुस्सा फूट रहा है। उस वीडियो में फैजल ने लड़कियों पर एसिड अटैक का दृश्य दिखाया हैं। जिस पर राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी कार्रवाई की है व एनसीडब्ल्यू की चेयरमैन रेखा शर्मा ने महाराष्ट्र के डीजीपी को पत्र लिखकर फैजल के खिलाफ एक्शन लेने की बात कही है व टिकटॉक इंडिया को भी पत्र लिखकर फैजल को अपने प्लैटफॉर्म से ब्लॉक करने के लिए कहा जिसके बाद उन्होनें विडियो को डिलीट कर फैजल का अकाउंट ब्लॉक कर दिया।
अभी हाल ही में टिकटॉक के मालिक झांग वाइमिंग ने भी अपने एक बयान में टिकटॉक उपयोगकर्ताओं को बेरोजगार, निकम्मा व मूर्ख कहां। उन्होंने कहा कि यह ऐप उन्होंने बेरोजगार व निकम्मे लोगों के लिए बनाया था। अर्थात उन्होंने सीधे-सीधे भारत के लोगों को बेरोजगार, मूर्ख व निकम्मा बताया। और इन सब विवाद के बाद ट्विटर पर हैशटैग बैन टिकटॉक ट्रेंड करने लगा। जिसके बाद से टिकटॉक की रेटिंग 4.6 से घटकर 1.3 तक पहुंच गई है। और लगातार गिरती जा रही है। ऐसा भारत में पहली बार हुआ है, जब किसी मोबाइल ऐप के खिलाफ देश का युवा यूथ एक साथ खड़ा हुआ है। और लगातार ऐसे ऐप को डिलीट करा जा रहा है। अगर भारत में टिकटॉक ऐप बैन हो गया तो, अधिकांश चाइनीस लोग अपना जॉब खो देंगे।
-निधि जैन

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