आत्मसमर्पण या गिरफ़्तारी
आखिरकार पांच लाख इनामी गैंगस्टर विकास दुबे पकड़ा ही गया। यूपी के कानपुर जिले स्थित चौबेपुर में पिछले हफ्ते आठ पुलिसकर्मियों की बेरहमी से हत्या करके फरार हुआ आरोपी विकास को बीतें दिन पुलिस ने सुबह उज्जैन के महाकाल मंदिर में से पकड़ लिया है। लेकिन दुबे की गिरफ्तारी के साथ ही कई सवाल भी खड़े हो गये है कि, विकास ने आत्मसमर्पण किया है या उसे एमपी पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया है।
क्योंकि जब पुलिस उसे थाने ले जाने के लिए गाड़ी के पास लाई तो वहां वह मौजूद मीडिया के कैमरे के सामने जोर-जोर से चिल्लाने लगा मैं कबूल करता हूं कि मैं ही विकास दुबे हूं, कानपुर वाला।गौरतलब है कि कानपुर के चौबेपुर में घटना को अंजाम देकर फरार विकास पहले दिल्ली-एनसीआर पहुंचा। लेकिन पुलिस की जबरदस्त दबिश के कारण वह फिर मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले के महाकाल मंदिर में से मिला। व इसके अलावा गैंगस्टर दुबे को मंगलवार को दिल्ली से सटे हरियाणा के फरीदाबाद में भी एक होटल में देखा गया था। लेकिन जब पुलिस वहां छापा मारने पहुंची तो वह उससे कुछ देर पहले ही वहां से निकल गया था। जिसके बाद वहां से विकास मध्य प्रदेश की ओर भागा। परन्तु उज्जैन में मंदिर के बाहर प्रसाद की दुकान लगाने वाले दुकानदार को जब शक हुआ तो उसने मंदिर सिक्योरिटी को बताया। और जब पूजा करके वह मंदिर से बाहर निकला तो सिक्योरिटी वालों ने उस पकड़ लिया। व जब सिक्योरिटी वालों ने उससे आईडी दिखाने को कहा तो उसने किसी ओर के नाम से बनी आईडी दिखाई। एंव जब सिक्योरिटी ने उससे ज्यादा पूछा तो वह मारपीट तक उतर आया जिसके बाद जब उसे थाने लेकर जा रहे थे तो उसने आखिरकार कबूल कर ही लिया। लेकिन सवाल यह उठता है कि, वो उत्तरप्रदेश से मध्य प्रदेश तक इतनी सारे राज्यों की सीमाओं को पार करके उज्जैन तक पहुंचा कैसे?
क्योंकि इन सभी सीमाओं के बीच कई टोल प्लाजा पडते हैं, जिसमें पुलिसवालों की सख्त घेराबंदी हो रखी है। और सभी टोल नाकों पर विकास की फोटो चिपकी हुई है। तो इससे तो स्पष्ट यह ही साबित होता है कि, विकास दुबे के साथ कई ओर लोग मिले हुए हैं जो उसकी मदद कर रहे हैं। क्योंकि इतनी सारी सीमाओं को पार करना आसान नहीं है। बहरहाल, इसके बाद अब मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि जिनको लगता है कि महाकाल की शरण में जाने से उनके पाप धुल जाएंगे, उन्होंने महाकाल को जाना ही नहीं। हमारी सरकार किसी भी अपराधी को बख्शने वाली नहीं है। एंव उन्होंने कहा कि शीघ्र ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। व उसके तुरंत बाद विकास दुबे को उत्तर प्रदेश पुलिस को भी सौंप दिया जाएगा। तथा दूबे पिछले एक हफ्ते से इधर-उधर छिपता फिर रहा था। लेकिन कहते हैं ना, अगर कोई कुछ करने की ठान ले तो वह करके ही रहता है ठीक इसी तरह एमपी पुलिस ने भी आठ पुलिसवालों के हत्यारों को पकड़ ही लिया।
बहरहाल, विकास दुबे को अभी किसी अज्ञात स्थान पर ले जाया गया है। और पूरी कार्रवाई पूर्ण होने के बाद ही विकास को उत्तर प्रदेश लाया जाएगा। क्योंकि विकास के साथ कई पुलिस अधिकारी भी शामिल थे, जिन पर पुलिस अब कार्रवाई कर रही है। वैसे अब तक खुलासा नहीं हुआ है कि विकास के साथ कितने लोग शामिल थे परन्तु पुलिस अपनी तरफ से पूरे प्रयास कर ही रही है। तथा बीते दिनों इसी बीच विकास के कई गुर्गों का भी एनकाउंटर पुलिस द्वारा किया गया है
और अब तो पुलिस और तेजी से जांच में जुट गई है ताकि सारे अपराधियों को उनके कारनामों की सजा मिल सके। ताकि कोई और अपराधी आगे से किसी भी मासूम पुलिस वाले को मारने की कोशिश नहीं करें।
-निधि जैन