राम मंदिर का शिलान्यास
राम इस धरती पर सबसे ज्यादा पूजे जाने वाले भगवानों में से एक हैं। वो एक ऐसे भगवान है जो राजा, संत व संतो के भी राजा है, राजाओं के भी संत है। वो ऐसे भगवान है, जिन्होने अपनी मां को दिया पिता का वचन निभाने के लिए 14 साल के लिए वन भी चले गए थे। उन्होंने अपना राज ऐसे छोड़ा जैसे कि उन्होंने कुछ छोड़ा ही ना हो।
वो इकलौते ऐसे राजा थे, जिन्हे राज पाने का कोई भी अभिमान नहीं था। गौरतलब है कि, अयोध्या में राम मंदिर को लेकर सालों से काफी विवाद चल रहा था, लेकिन अब इस वर्ष इस बात पर मुहर लग चुकी है कि अयोध्या में अब राम मंदिर ही बनेगा। और उसका नया स्वरूप भी आ गया है। जिसके मुताबिक अब मंदिर पहले से भी ज्यादा काफी बड़ा होगा, पहले मंदिर का एरिया 47000 स्क्वाएर फुट था लेकिन अब 57000 स्क्वाएर फुट का होगा व पहले मंदिर दो मंजिल की थी परन्तु, अब मंदिर तीन मंजिल की होगी एंव पहले गर्भगृह के ऊपर सबसे ऊंचा शिखर 141 फुट का था लेकिन अब 161 फुट का होगा। तथा पहले मंदिर में दो गुंबद थे परन्तु अब मंदिर में पांच गुंबद होंगे। और अब मंदिर के दो सभा मंडप को पांच में तब्दील कराया जाएगा। लेकिन मंदिर में बीते 30 सालों से ताराशी के काम लगे लोगों का उन पत्थरों से गहरा नाता हो गया है, जिसके कारण यह पत्थर मंदिर की बुनियाद से लेकर उसके शिखर का अब हिस्सा बनेंगे। बहरहाल, अयोध्या में भूमि पूजन के लिए चार अगस्त से ही सभी मठ-मंदिरों में दो दिन का अखंड रामायण का पाठ व रामनाम का संकीर्तन होगा।श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के भूमि पूजन करने आ रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वागत में अयोध्या को इस बार ऐसे सजाएगे जैसे त्रेता युग में रावण का वध कर लौटे श्रीराम के राज्याभिषेक में सजाया गया था। इस बार पांच अगस्त को पूरी अयोध्या में घर-घर दीप जलाकर दिवाली जैसा उत्साह मनाया जाएगा व यह धर्मनीति मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कार सेवकपुरम में 40 शीर्ष संतों और धर्माचार्यों के साथ बैठक कर तय भी कर ली है। सीएम ने कहा कि 500 साल के संघर्ष के बाद अब यह शुभ घड़ी आई है, तो इसको पूरे हर्ष उल्लास के साथ मनाया जाएगा। योगी ने कहा कि पांच अगस्त को पूरी अयोध्या धर्ममय और राममय में नजर आएगी। मठ-मंदिरों, गलियों और मोहल्लों, सड़कों और घाटों का ऐसा मनोरम दृश्य बनेगा जैसे त्रेता युग धरती पर उतर आये हो। एंव उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं, नगर निगम और प्रशासनिक अधिकारियों को भी निर्देश दिए है, कि वह भूमि पूजन के लिए अयोध्या को सजाने संवारने में पूरी ताकत झोंक दें। व जन-जन की भागीदारी अपने-अपने घर से सुनिश्चित कराएं ताकि लोग अपने-अपने घरों में दीप जलाकर इस शुभ अवसर पर एक नई दिवाली को आगाज दें सके।
कोरोना महामारी के कारण भूमि पूजन में सभी संत धर्माचार्यों को आमंत्रित करना ट्रस्ट के लिए संभव नहीं है, तो ऐसे में भूमि पूजन का लाइव प्रसारण किया जाएगा ताकि सभी श्रद्धालु इसे देख सकें। अयोध्या राम मंदिर के शिलान्यास को रूबरू से देखने की जिन लोगों की इच्छा है, शायद वह इच्छा अब पूरी नहीं हो पाएगी कोविड-19 के प्रकोप के कारण लेकिन सरकार अपनी तरफ से पूरे प्रयास कर रही है कि जनता लाइव प्रसारण से भी पूरा आनंद उठा सकें।
-निधि जैन