पांव में प्लास्टर है फिर भी क्यां ममता का नाटक ज़ारी है?
क्या हकीकत में 10 मार्च को नंदीग्राम से लौटते समय पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हमला हुआ था? आलम तो यह है कि ममता पर हुए हमले की खबर सुनते ही या उन्हें लगी चोट को ड्रामा बताने की जल्दी में खुद को सहिष्णु और संवेदनशील बताने वाले लोग तेज़ी से फिसलने लगे।
जिसमें किसी को चोट लगी हो, उसे ड्रामा बताने से पहले बीजेपी और कांग्रेस के नेताओं ने इंतज़ार करना भी ठीक नहीं समझा। सच में क्यां बात हैं। बीते दिनों तृणमूल कांग्रेस ने ममता बनर्जी की एक तस्वीर जारी की थी। जिसमें ममता बनर्जी कोलकाता के सेठ सुखलाल करनानी मेमोरियल हास्पिटल में भर्ती थी। हालांकि अभी तो उन्हें हॉस्पिटल से छुट्टी मिल चुकी है। तस्वीर में देखा जा सकता हैं कि ममता के पांव में प्लास्टर है। बेशक़ ममता की हालत गंभीर नहीं हो परन्तु चोट के कारण वे अच्छी स्थिति में तो नहीं दिख रही हैं। ममता के चेहरे पर चोट की पीड़ा और थकान साफ नज़र आ रही है।सवाल तो यह है कि क्या ये तस्वीर भी ड्रामा का हिस्सा है? और अगर है तो फिर उस डॉक्टर और अस्पताल का लाइसेंस रद्द कर देना चाहिए कि वे भी इस ड्रामा का पार्ट कैसे बन गए?
-निधि जैन