सरकार हुई सख़्त
फ़िल्में और सीरीज में भारतीय सेना के अधिकारों और जवानों का गलत तरीके से चित्रण करने की शिकायतें अब अधिक हो गई हैं। जिसके कारणवश अब शिकायतें रक्षा मंत्रालय तक पहुंच गई है।
जिसको देखते हुए रक्षा मंत्रालय ने फिल्म व वेब सीरीज आदि में सुरक्षा बलों की गलत तस्वीर पेश किए जाने की शिकायतों का संज्ञान लेते हुए फिल्म प्रमाणन बोर्ड समेत कई विभिन्न मंत्रालयों से कहा है कि, अब से फिल्म निर्माता ऐसे किसी कंटेंट को प्रसारित करने से पहले अनापत्ति प्रमाण पत्र लेंगें। तथा रक्षा मंत्रालय ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड यानी सीबीएफसी, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को भी पत्र लिखा है कि, वह प्रोडक्शन हाउसों को कहें कि सुरक्षा बलों पर बनी किसी फिल्म या डॉक्यूमेंट्री या वेब सीरीज को प्रसारित करने से पहले एनओसी यानी अनापत्ति प्रमाण पत्र लें।बहरहाल, यह पत्र 27 जुलाई को लिखा गया था। जिसमें रक्षा मंत्रालय को भारतीय सेना के जवानों के अपमानजनक तरीके से फिल्म और वेब सीरीज में उनकी गलत तस्वीरें पेश करने को लेकर कुछ शिकायतें मिली थी। व इन शिकायतों के बाद अब रक्षा मंत्रालय ने उपरोक्त फैसला लिया है। रक्षा मंत्रालय ने अब साफ तौर पर कहा है कि, भारतीय सेना पर बनाई गई फिल्मों और उसके सीन के प्रसारण पर बिना एनओसी के उनके सीन का प्रसारण नहीं किया जाएगा। एंव रक्षा मंत्रालय का यह भी कहना है कि, ऐसा सिर्फ उन घटनाओं को रोकने के लिए किया जा रहा है, जो रक्षा बलों की छवि को बिगाड़ते हैं और लोगों की भावनाओं को आहत करते हैं।
-निधि जैन