योग एट होम, योग विद फैमिली

 'अपने अंदर की क्षमता को पहचानें' पढ़ा। निस्संदेह यह बहुत तनावपूर्ण समय है। लोग घरों में बधें रहने को विवश हैं। लंबे समय की बंदी ने अर्थव्यवस्था और आम लोगों की जिंदगी को बुरी तरह से प्रभावित किया है।

लेकिन इस चुनौतीपूर्ण समय में यह जरुरी है, कि हम अपने मन को शांत व शरीर को स्वस्थ रखें। कोविड़-19 के कारण हमारे जीवन में आए तनाव- अवसाद का कारगर निराकरण केवल योग कर सकता है। इसलिए हमें रोजाना कुछ समय अपनी सेहत को भी देना चाहिए ताकि हम तंदुरुस्त रह सके। व 21 जून को यानी योग दिवस के दिन विश्व में विभिन्न आयु वर्ग के लोगों को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाना चाहिए। क्योंकि योग शरीर और मन के बीच एक सौहर्दपूर्ण युति या एकत्व स्थापित करता है और आज के दौर में व्याप्त चिंता तनाव में मुक्ति के लिए यह एक मुफीद उपाय है। व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी 2014 में संयुक्त राष्ट्र में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर योग को प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा की अद्भुत भेट बताया था। स्वास्थ्य और खुशहाली सुनिश्चित जीवन जीने के लिए योग एक कारगार उपाय है।
वैसे भी इस महामारी के कारण हमारी जीवन शैली में संतुलन स्थापित करना जरुरी हो गया है। व भावनाओं में संतुलन और समभाव लाना भी आवश्यक है। और यह केवल योग के जरिए ही सम्भव है। संयुक्त राष्ट्र ने भी शारीरिक सौष्ठव, शरीर के स्वास्थ, चेतना और शांति के लिए योग के लाभ को गुनकारी बताया है। इसलिए इस बार 2020 को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर हमें संकल्प लेना चाहिए कि हम अपने जीवन में योग के सकारात्मक प्रभावों को सम्मिलित करेंगे।
-निधि जैन

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