कानून अनिवार्य है

देशभर में शराब के नाम पर जहर बेचने का काम बिना किसी रोक टोक के जोर-शोर से चल रहा है। अवैध तरीके से बनाई गई बेची जा रही शराब इसलिए अक्सर मौत का रूप ले लेती हैं, क्योकि कई खुदगर्ज लोग अपनें मुनाफे के लिए शराबों में बेहद हानिकारक और अखाघ सामग्री का उपयोग करते हैं।

खासतौर पर कच्ची शराब में कुछ ऐसी सामग्री डाली जाती है जिसका सीधा भयानक असर हमारे शरीर पर पड़ता है। फिर भी इन शराबों की तस्करी पर कोई प्रतिबंध नहीं लगा हुआ है। व दुर्भाग्य से यह काम हमारे देश के अन्य कई हिस्सों में होता है इसलिए अक्सर आए दिन जहरीली शराब से मरने वालों के समाचार सामने आते रहते है, लेकिन फिर भी लोग इस जहरीले पदार्थ को छोड़ने के बारे में सोचते ही नहीं है। एंव जहरीले कारोबार के मामले इसीलिए भी फल-फूलते है क्योंकि इनके खिलाफ कोई आवाज़ नहीं उठाता। तथा पंजाब में जहरीली शराब से मौते अब सौ से भी अधिक हो गई है। और सात आबकारी अधिकारी और छह पुलिसकर्मियों को इस केस में सस्पेंड भी कर दिया गया है। व तरनतारन आबकारी विभाग के अधिकारी मधुर भाटिया को भी बर्खास्त कर दिया गया है एंव अब तक इस मामले में 25 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और 3 जिलों में 100 जगहों पर छापेमारी की गई है। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है, जब पंजाब में जहरीली शराब पीने से इतनी बड़ी संख्या में लोगों की मृत्यु हो गई हो। ऐसा पहले भी कई बार हुआ है परन्तु फिर भी शायद लोगों को इससे कोई सबक नहीं मिला था।
बहरहाल, इससे खराब बात ओर क्या हो सकतीं है कि नशे के कारोबार के लिए चर्चा में रहा पंजाब अब अवैध शराब के धंधे को लेकर भी सुर्खियां बतोर रहा है। और अब यह समस्याएं सिर्फ पंजाब तक ही सीमित नहीं रहेंगी क्योकि शराब पीने की लत अब हर जगहों के युवाओं में आम बात है। इसलिए कुल मिलाकर इस समस्या को गम्भीरता से लेने की आवश्यकता है। खासतौर पर अवैध शराब के बनने और ड्रेग्स के प्रकोप को रोकने के लिए केंद्र सरकार को एक ऐसा कानून बनाना होगा, जो इन पर अकुंश लगा सकें।
-निधि जैन

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

वर्ष 2020 की यादें

अब कावासाकी से भी लड़ना है

चीन में कोरोना की वापसी