वायरस के बाद वैक्सीन पर खेल
पूरी दुनिया पिछले एक वर्ष से कोरोना वायरस के कहर से जूझ रही है। दुनिया भर के देश कोरोना फैलाने का जिम्मेदार चीन को मानते हैं लेकिन चीन हमेशा से ही इस बात से इनकार करता आया है। पूरी दुनिया इस बात को जानती है कि कोरोना चीने के वुहान से फैला है लेकिन चीन इसे नहीं स्वीकार करता।
गौरतलब है कि अपनी गलती को मानना तो बहुत दूर अब तो चीन कोरोना वायरस वैक्सीन को लेकर भी दादागिरी दिखाने में जुट गया है। पिछले 1 वर्षों में एक करोड़ से ज्यादा लोग कोरोना से अपनी जान गवां चुके हैं। वहीं 7 करोड़ से अधिक लोग वायरस की चपेट में आ चुके हैं। दुनिया भर के बड़े-बड़े देश वैश्विक महामारी कोरोना की चपेट में आने से अपने आप को रोक नहीं सके हैं। हालांकि अब इन दिनों लगभग हर देश कोरोना वैक्सीन बनाने में जुटा हुआ हैं। अब हर कोई बेसब्री से वैक्सीन का इंतजार कर रहा है।अमेरिका, ब्रिटेन और चीन में तो वैक्सीन लगाना भी शुरू हो गया है और भारत में भी जल्द ही वैक्सीन की डोज लगनी शुरू हो जाएगी परन्तु इस बीच चीन की कोरोना वैक्सीन को लेकर कई तरह के सवाल उठने लगे हैं, जिसके बाद ड्रैगन पूरी तरह से तिलमिला उठा है। वैक्सीन को लेकर उठे सवाल के बाद ड्रैगन ने दुनिया को कोरोना वैक्सीन पर भी गीदड़ भभकी देना शुरू कर दिया है। चीन के मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स में लिखी खबर से पता चला है कि चीन अब नए पैंतरे आजमा रहा है, पत्र में लिखा है कि अगर दुनिया को कोरोना वायरस से मुक्ति चाहिए तो उसे चीन की वैक्सीन का ही प्रयोग करना होगा। ब्राजील के बुटनान इंस्टीट्यूट ने चीन की सिनोवैक कोरोना वैक्सीन के 50 फीसदी से ज्यादा प्रभावी होने की जानकारी दी हैं। जिससे यह इमरजेंसी अप्रूवल के लिए योग्य हो गई है लेकिन सवाल तो यह है कि जैसे चीन वायरस का असली सच अभी तक दुनिया से छुपा रहा है क्या वह वैक्सीन पर भी खेल खेल रहा है। देखते ही देखते वायरस ने दुनिया भर में हड़कंप मचा दिया। जिससे कई जानें चली गई, कई लोगों के परिवार टूट गए, लोग आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे हैं, देश की अर्थव्यवस्था नीचे गिर गई है, लोगों के पास घर चलाने के लिए पैसा नहीं है, लोगों की नौकरी छूट रही है आदि परेशानियों के साथ भी लोग रोजाना अपना जीवन जी रहे हैं परंतु चीन है कि जो अपनी चालबाजी के सामने लोगों की जिंदगियों की अहमियत ही भूल गया है। हालांकि सरकार ने समय रहते सख्त कदम तो उठाए हैं वायरस पर नियंत्रण पाने के लिए लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद भी लोगों की जिंदगी अभी तक पटरी पर नहीं आई हैं।
-निधि जैन