सैनिटाइजर के नाम पर धोखा
संसार में कोरोना के मामले पीक पर है। प्रतिदिन संक्रमित लोगों के आंकड़ों में इजाफा हो रहा है। व कोरोना वायरस के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए सरकार द्वारा दी गई गाइडलाइंस में सक्त रूप से सैनिटाइजर, मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के आदेश दिए गए हैं।
जिसके बाद से सैनिटाइजर बनाने वाली कंपनियों ने रोजाना सैनिटाइजर का स्टॉक बड़ा दिया है। लेकिन इसके बावजूद भी सैनिटाइजर का काला धन्धा बंद नहीं हो रहा है। हर्बल के नाम पर नकली सैनिटाइजर की खेप बाजारों तक पहुंचाई जा रही है व मोहल्लों में घर-घर जाकर नकली सैनिटाइजर बेचा जा रहा है। सैनिटाइजर के नाम पर बोतलों में पानी, फ्लेवर, ग्लिसरीन व विनाशक केमिकल का उपयोग किया जा रहा है। जिसका त्वचा पर दुष्प्रभाव पड़ रहा है।सैनिटाइजर बनाने के लिए प्रशासन व ड्रग्स विभाग से अनुमति लेनी पड़ती है लेकिन लोगों को पैसे कमाने की इतनी लालसा है कि वह अवैध रूप से फर्जीवारा करके बड़ी कंपनियों के लेबल व लाइसेंस का प्रयोग कर रहे है क्योंकि सरकार ने सैनिटाइजर व मास्क बनाने का नियंत्रण तो अपने पास रखा है लेकिन बिक्री के लिए लाइसेंस की पाबंदी हटा दी है। जिसका लाभ असामाजिक तत्व उठा रहे हैं व जबसे सैनिटाइजर की खप्त बड़ी है तब से सैनिटाइजर के काले धंधे ने जोर पकड़ लिया है।वैसे तो सरकार ने सैनिटाइजर के लिए मानक तय किये हैं जिसके मुताबिक सैनिटाइजर में 80 प्रतिशत इथाइल अल्कोहल और 70 प्रतिशत आईपीए होता है परंतु फर्जी कंपनियां सैनिटाइजर के नाम पर हानिकारक केमिकल बेचकर मोटा मुनाफा वसूल रहे हैं। वैसे कहते हैं ना फायदा वह गिरी हुई चीज होती है जब जो कोई देखे उसे उठा ही लेता है। जैसे इस महामारी में कुछ लोग आम लोगों की लाचारी का नफ़ा उठा रहे हैं। लेकिन क्रेता को भी संभलकर सैनिटाइजर व मास्क खरीदने चाहिए क्योंकि यह केमिकल जानलेवा भी हो सकता है। गौरतलब है कि, अगर लोगों को सूचना नहीं मिली तो लोग यह सोचकर ही सैनिटाइजर का उपयोग करते रहेंगे कि वह सुरक्षित है लेकिन वास्तविक में अगर इस गिरोह का पर्दाफाश नहीं हुआ तो नकली सैनिटाइजर का फैलता जाल लोगों के लिए आफत बन जाएगा। बहरहाल, मास्क की भी खपत बढ़ने से प्लास्टिक बैग में प्रयोग होने वाली जाली समेत कई अन्य सामग्रीयों को भी नकली मास्क बनाने में इस्तेमाल किया जा रहा है। जो लोगों के लिए काफी हानिकारक है।
इस संकट की घड़ी में हमें स्वयं ही अपनी रक्षा करनी पड़ेगी तो इसलिए सामान खरीदते समय हमें ओर ज्यादा एहतियातन बरतने होंगे। व सरकार को भी नकली सैनिटाइजर और मास्क की कालाबाजारी वाले गिरोह को बेनकाम जल्द करना चाहिए। एंव लोगों को जागरूक करना चाहिए की वह सैनिटाइजर इत्यादि मेडिकल स्टोर से ही प्राप्त करें।
-निधि जैन