टीबी मशीन से पता चलेगा कोरोना

 कोविड़-19 के प्रकोप का दौर अभी भी आरम्भ ही रहेगा, क्योंकि वायरस किसी भी ढंग से कम नहीं हो रहा है। समूचे विश्व में तमाम कोशिशों के बावजूद भी कोरोना संक्रमितों के आकड़ों में कमी नहीं आ रही हैं।

लेकिन यह जरूर है कि, देश भर में मृत्यु दर में गिरावट आई है। परन्तु इसे फिर भी इत्मिनान लायक नहीं माना जा सकता। बल्कि जान का जोखिम तो अभी भी बना हुआ ही है। व हमें अभी ओर एहतियातन बरतने की भी आवश्यकता है। बहरहाल, टीबी जांच में उपयोग होने वाली ट्रूनैट मशीन अब कोरोना की जांच में भी कारगर साबित हुई है। इस मशीन के प्रयोग से कोरोना की जांच के टेस्ट में अब वृद्धि आई है, जिससे कई इलाकों में संक्रमण को थामने में भी सहायता मिलीं है। वायरस की जांच पहले आरटी-पीसीआर तकनीक से हो रही थी, परन्तु अब ट्रूनैट मशीन और सीबीएनएएटी का भी साथ मिल गया है। तथा इस समय अब देश में कुल 1316 लैब्स में कोविड़-19 की जांच हो रही हैं। जिसमें आरटी-पीसीआर आधारित लैब्स की संख्या 675 है और 537 ट्रूनैट मशीन लैब्स है। भले ही ट्रूनैट मशीन की क्षमता कम होती है, लेकिन यह मशीन कोरोना जांच में एक अहम भूमिका निभा रहीं हैं।
गौरतलब है कि, अब तक भारत में 1.77 करोड़ से भी अधिक टेस्ट हो चुके हैं। व देश में अब दस लाख की आबादी पर टेस्ट की संख्या 12858 पर पहुंच गई है। जो बाकी देशों के मुकाबले काफी कम है, लेकिन अब हालत पहले से काफी बेहतर हो रहें है। एंव अब लोग भी कोरोना को हराने के लिए सक्षम हो रहें हैं।
-निधि जैन

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