मोबाइल नंबर से भी खतरा

 आज शहरों में भी जितने खतरे हैं, उतने जंगलों में भी कहा थे। आज एक छोटे से मोबाइल ने ही सारा कारवां संभाल कर रख रखा है। परन्तु वर्तमान काल में मोबाइल में ही लोगों के सारे कामकाज नंबर, डाटा, एंव बैंक अकाउंट की सारी डिटेल्स सेव होती है।

जिसकी सहायता से लोग उसका गलत फायदा उठा लेते हैं। एक ऐसा ही क्राइम केस उत्तर प्रदेश पुलिस को पता चला है। जहां भारत में 13,000 से अधिक मोबाइल हैंडसेट्स को एक ही इंटरेनशनल मोबाइल इक्विपमेंट आईडेंटि​टी नंबर (आईएमईआई) से उपयोग होते पाया गया है। जो कि सुरक्षा के दृष्टिकोण से बेहद गंभीर बात है। प्रत्यक्ष तौर पर यह मोबाइल फोन निर्माता कंपनी की लापरवाही का मामला है। किंतु चिंताजनक विषय यह है कि, क्रिमिनल्स इसका दुरुपयोग कर सकते हैं। व गौरतलब है कि, पिछले साल भी मध्यप्रदेश के जबलपुर में एक ऐसा ही मामला सामने आया था।
जहां पुलिस को पता चला था कि, एक लाख से ज्यादा स्मार्टफोन्स एक ही आईएमईआई नंबर पर चल रहे हैं। फिलहाल मेरठ पुलिस ने एक मोबाइल ​फोन​ निर्माता कंपनी और उसके सर्विस सेंटर के खिलाफ इस संबंध में एफ आई आर दर्ज कर ली है। जिसमें संबंधित कानूनी प्रावधान के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और एक्सपर्ट की टीम को पूरी जांच के लिये बुला लिया गया है। जिसके बाद मेरठ के एसपी सिटी ने बताया कि, साइबर सेल को जांच में पता चला है कि करीब 13,500 से अधिक मोबाइल फोन्स भी एक ही आईएमईआई नंबर पर चल रहे हैं। जो कि एक बहुत गंभीर प्रसंग है।
सन 2017 में, टेलिकॉम रेग्युलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (टीआरएआई) ने एक नाटिफिकेशन जारी कर कहा था, कि सभी स्मार्टफोन्स में एक यूनिक पंद्रह डिजिट का आईएमईआई नंबर होता है। जिसमें कोई भी गलती या बदलाव करने पर तीन साल जेल की सजा का प्रावधान है।
-निधि जैन

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

वर्ष 2020 की यादें

अब कावासाकी से भी लड़ना है

चीन में कोरोना की वापसी