चुप नहीं बैठेगा भारत
चीन से जन्मा कोरोना वायरस दुनिया भर में कहर बरपा रहा है। देश में कोविड़-19 के मामले चरम पर है। लेकिन चीन अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। रोजाना चीन नई साज़िशों के फिराक में जुटा रहता है। व भारत को परेशान करने के तरीके तराश ता रहता है।
अपने आक़ा चीन को खुश करने के लिए पाकिस्तान पहले से ही भारत के खिलाफ चीन के साथ मिलकर नई-नई रणनीतियों में काम कर रहा हैं। ओर अब फिर से पाकिस्तान ने एक बार आईडी विस्फोट करने की साजिश की है। पाकिस्तान भारत-पाक सीमा पर हो रही गोलीबारी का फायदा उठाकर 32 किलो से ज्यादा विस्फोटक कश्मीर के सोपोर इलाके तक पहुंचा रहा है। इस विस्फोटक को आईईटी के रूप में प्रयोग कर लगभग आधा दर्जन से ज्यादा जगहों पर विस्फोट किए जाने की योजना पाक द्वारा बनाई जा रही है। व उनके निशाने पर केंद्रीय सुरक्षा बलों के काफिले और भीड़भाड़ वाली जगह ज्यादा है।पाकिस्तान अपने आका चीन को खुश करने के लिए हर हाल में चीन के नक्शे कदम पर चलना चाहता है, ताकि पाकिस्तान भारत में कैसे भी कहीं भी आतंकवादी गतिविधि को अंजाम दे सके। व चीन ने पहले से ही नेपाल को अपने झांसे में उलझा कर रखा है एंव नेपाल को अपना गुलाम बना लिया है व धीरे-धीरे चीन नेपाल की जमीन को अपने कब्जे में ले रहा है। वैसे तो नेपाल अपने देश का नक्शा बदल कर भारत के इलाकों को अपना बता रहा है और अपने ही इलाकों को नहीं बचा पा रहा है। चाइना ने अब तक नेपाल के सात जिलों कि 11 जगहों पर अपना कब्जा कर लिया है। तिब्बत-नेपाल सीमा पर नेपाल का रुई का गांव, लेकिन अब वह तिब्बत के अधीन हो चुका है। जो अब चीन के अवैध कब्जे में है। हालांकि यह गांव अभी भी नेपाल के नक्शे में शामिल है परंतु चीन अपनी पूरी दादागीरी इन गांव में दिखा रहा है। चीन ने गांव में बॉर्डर पिलर उखाड दिए हैं। जिससे कि वह अपने गैरकानूनी कब्जे की बात को दबा सके। हैरानी की बात यह है कि, नेपाल सरकार भारत के खिलाफ तो अपने प्रोपेगेंडा को तेज गति में चला रही है लेकिन अपने ही जमीन को बचाने के लिए चीन के सामने मौन खड़ी है।
जिससे इस बात का पुख्ता सबूत मिलता है कि अब नेपाल भी चीन के लिए नया पाकिस्तान बन चुका है। जिससे यह स्पष्ट हो चुका है कि चीन पाकिस्तान और नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टियों के साथ मिलकर घटिया खेल खेल रहा है। लेकिन चीन को यह समझना होगा कि भारत अब अकेला नहीं है भारत के साथ पीओके के लोग व अमेरिका और रूस इत्यादि कई अन्य देश भी खड़े हैं। भारत के खिलाफ हरकत-हिमाकत जरूर चीन ने की है वो भी पूर्वी लद्दाख में लेकिन खतरे की घंटी गुलाम कश्मीर यानी पीओके और गिलगिट बाल्टिस्तान के लोगों ने भारत का तिरंगा उठा कर पाकिस्तान की बजा दी है।गुलाम कश्मीर और बाल्टिस्तान के लोगों का कहना है कि वह पाकिस्तान और चीन के खिलाफ लड़ने को तैयार हैं। और अगर भारत की सेना में हमें स्वीकार किया जाता है तो हम भारतीय सैनिक की हैसियत से जंग के मैदाने में अपना खून बहाने को भी तैयार है। जिसके बाद से ही चीन के मित्र पाकिस्तान के कहने वाले पीओके में भारतीय सेना के समर्थन में आवाजें उठ रही हैं। लोगों का कहना है कि उन्हे 70 साल से पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर और गिलगिट बाल्टिस्तान के लोगों को भारत से अलग रखा गया है। व चीनी आक्रामकता की वजह से भारत मुश्किल वक्त से गुजर रहा है।
लेकिन हम चुप नहीं रहेंगे और भारत के कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहेंगे। 15 जून को लद्दाख की गलवान घाटी में चीनी सैनिकों से हुई झड़प में भारत के 20 से ज्यादा जवान शहीद हो गए थे। जिसके बाद चीन ने अपनी सेना को पीछे करने पर सहमति जताई थी लेकिन चीन ने ना सारा जिम्मा भारत के ऊपर डाल दिया था बल्कि सैटलाइट तस्वीरों में भी देखा गया था कि उसने अपनी सेना को एक इंच भी पीछे नहीं हटाया है। लेकिन भारत के साथ अमेरिका डट कर खड़ा है और उसने चीन की आक्रामकता को खतरा बताते हुए यूरोप से अपनी सेना हटाकर एशिया में तैनात करने की बात भी कही है। व भारत भी चीन के सामने डट के खड़ा है व इसकै अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी लोगों को हौसला दिलाया है कि झड़प में शहीद हुए सैनिकों की मौत बेकार नहीं जाएगी। व भारत चीन को उसकी हर एक हरकत का करारा जवाब देगा।
-निधि जैन