आखिर कब तक लड़कियां सुरक्षित नहीं हैं

 यूपी के हाथरस में जो हुआ वह कुछ नया नहीं हुआ, ऐसे दुष्कर्म तो रोजाना ना जाने कितनी लड़कियों के साथ होते हैं। कुछ मामले हाइलाइट में आ जाते है और कुछ चार दीवारों में ही समेट कर रह जाते हैं। और जो मामले हाइलाइट में आते है वह कहीं ना कहीं राजनीतिक मोड़ ले लेते है। उस मासूम के बारें में तो कोई सोचता नहीं है, जिसकी उस भयानक दुष्कर्म में जान ली जाती है। परिवार को मुआवजा देकर चुप बेशक़ करा दिया जाता है पर क्या कभी उन लड़कियों की आत्मा को शांति मिली होती हैं जिनकी एक उस भयावह दुर्घटनाओं से जिंदगी पलट जाती हैं।

गौरतलब है कि हमारे इस महान देश में हर घंटे चार रेप होते हैं कई बरसों से, पर कार्रवाई उनमें से एक की भी नहीं होती। 1973 में अरुणा शानबाग कांड हुआ, फिर 2012 में निर्भया और अब हाथरस सामने है। शायद पूरे समाज ने रेप की घटनाओं को चलता है मान लिया है क्योकिं इन केसो का संज्ञान तो कोई लेता नहीं है। बहरहाल, साल 2019 में अब तक दर्ज मामलों के मुताबिक भारत में औसतन रोजाना 87 रेप के मामले सामने आ रहे हैं। इस साल के शुरुआती नों महीनों में महिलाओं के खिलाफ अबतक कुल 4,05, 861 आपराधिक मामले दर्ज हो चुके हैं। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो यानी एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक यह 2018 की तुलना में सात फीसदी अधिक है। भारत में 2019 की एक रिपोर्ट बताती है कि महिलाओं के खिलाफ अपराध पिछले साल के मुकाबले इस वर्ष अभी तक 7.3 प्रतिशत बढ़ गए हैं।
साल 2019 में प्रति एक लाख महिला आबादी पर 62.4 फीसदी केस रजिस्टर्ड हुए हैं, जो साल 2018 में 58.8 फीसदी था व देशभर में साल 2018 में महिलाओं के खिलाफ अपराध के कुल 3,78, 236 मामले दर्ज किए गए थे। एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2018 में देश में रेप के कुल 33,356 मामले दर्ज हुए हैं व 2017 में यह संख्या 32,559 थी एंव भारतीय दंड संहिता के तहत दर्ज इन मामलों में से अधिकांश पति या उसके रिश्तेदारों द्वारा क्रूरता यानी 30.9 प्रतिशत के मामले हैं,  इसके बाद उनकी शीलता का अपमान करने के इरादे से महिलाओं पर हमले यानी 21.8 प्रतिशत, महिलाओं के अपहरण के 17.9 प्रतिशत के मामले दर्ज हैं। बहरहाल हाथरस में 20 वर्ष की लड़की के साथ हुई दरिन्दी के बाद भी यह मामले नहीं रुक रहें हैं। जिस दिन मनीशा की मृत्यु हुई थी उस से ठीक अगले ही दिन आजमगढ़ में भी एक युवती के साथ दुष्कर्म हुआ व उसी दिन दूसरी वारदात बुलंदशहरमें हुई। जहां पर एक 14 साल की नाबालिग लड़की के साथ उसके ही पड़ोसी ने रेप किया। वैसे इन दोनों मामलों में पुलिस ने शिकायत दर्ज कर ली है। एंव तीसरी घटना फतेहपुर के ललौली थानाक्षेत्र में हुई है। यहां पर एक सात साल की बच्ची के साथ रेप हुआ।
उल्लेखनीय है कि यह तो वह मामले है जिनकी शिकायत पुलिस के पास आई है। उसी दिन ना जाने ओर कितनी लड़कियों के साथ दरिन्दी हुई थी। रोजाना पता नहीं कितनी लड़कियों की जिंदगी सिर्फ कुछ लड़को की वजह से उजड़ जाती है, जब तक हमारे देश के लड़कों की सोच नहीं बदलेंगी व वह लड़कियों को अपनी बहन की नजरों से नहीं देखेगे तब तक हमारे समाज की लड़कियां सुरक्षित नहीं होगी।
-निधि जैन

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