शाहजहां जैसी मोहब्बत अब भी जिंदा है!

 जब भी कभी इश्क की बात होती है तो ताजमहल का जिक्र न हो ऐसा हो ही नहीं सकता। दूर-दूर देश, विदेश से लोग ताजमहल को देखने आगरा पहुंचते हैं लेकिन अब ताजमहल केवल आगरा में ही नहीं पाकिस्तान में भी बन गया है। अब्दुल के इश्क की इस दास्तां ने कुछ ऐसा कर दिया जो हम कभी सोच भी नहीं सकते थे।

शाहजहां ने अपनी मोहब्बत के चलते ताजमहल बनवाया था, जिसके बाद किसी ने भी ऐसा कुछ करने का कभी नहीं सोचा परन्तु अब पाकिस्तान निवासी अब्दुल रसूल ने अपनी मोहब्बत के कारण एक ओर ताजमहल बनवाया है। पाकिस्तान के उमरकोट में ताजमहल को अब्दुल रसूल ने अपनी पत्नी की याद में बनवाया है। अब्दुल रसूल अपनी पत्नी मरियम से बेपनाह इश्क करते थे व जब उनकी शादी हुई तो अब्दुल सिर्फ 18 वर्ष के थे।दोनों करीब 40 साल साथ रहे। आलम तो यह है कि अब्दुल दो बार भारत भी आए और यहां आकर ताजहमल को देखा एंव पत्नी के इंतकाल के बाद उन्होंने सपने में देखा कि पत्नी की कर्ब पर ताजमहल बना है और इसके बाद उन्होंने ठान लिया कि वो अपनी पत्नी के लिए ऐसा ही ताजमहल बनाएंगे। इसके बाद उन्होंने ताजमहल का निर्माण कार्य शुरू करा दिया और 12 से 15 लाख रुपए खर्च करके ताजमहल बनवा लिया। गौरतलब है कि अब इस ताजमहल की चर्चा पूरे पाकिस्तान में ही नहीं हिंदुस्तान में भी हो रही है और लोग इसे देखने के लिए दूर-दूर से आ रहे हैं।
-निधि जैन

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