एक बार फिर टिड्डियों का हमला

 देश कोरोना के प्रकोप से जूझ ही रहा है कि विश्व में एक के बाद एक नए-नए संकट उपजे ही जा रहे हैं। पहले ऑस्ट्रेलिया के जंगलों में लगी आग फिर कोरोना वायरस और अब राज्यों में बाढ़ का खतरा, भूकंप के झटके तथा टिड्डियों का हमला इत्यादि खतरो से संसार त्रस्त हो रहा है।

यह पहले ऐसा वर्ष है जिसमें पहली बार 18 से भी अधिक भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। टिड्डियों का हमला पहले भी कई राज्यों में दस्तक दे चुका है परंतु जैसा तांडव टिड्डीयों ने इस साल मचाया है पहले कभी भी ऐसा नजारा देखने को नहीं मिला कि लोगों की फसल ही पूरी तरह से उजड़ गई। किसानों को कई लाखों का नुकसान हुआ है इन टिड्डियों के दल के कारण। लेकिन एफएओ यानी फूड़ एंड एग्रीकल्चर ऑर्गनाइजेशन ने यह चेतावनी जारी की है कि जुलाई के अंत तक भारत में एक बार फिर बहुत बड़ा टिड्डीयों का हमला हो सकता है। जिससे एक बार फिर किसानों की नई फसलों को नुकसान पहुंचेगा। उत्तर सोमालिया से टिड्डीयों का विशाल दल भारत पहुंचने को तैयार है। जिसके कारण आने वाले हफ्तों में ओर अधिक टिड्डीयों का दल देश में कहर ला सकता है। एफएओ ने कहा है, कि इस वक्त राजस्थान में टिड्डीयों का दल पहले से ही मौजूद है। व राजस्थान और उत्तरी गुजरात में टिड्डीया प्रजनन कर रही है। एंव इसके अलावा भारी संख्या में टिड्डीया यूपी में भी उपस्थित है। सोमालिया से आने वाला टिड्डीयों का दल जुलाई के अंत में या अगस्त के शुरुआती हफ्ते में राजस्थान तक पहुंच सकता है।
गौरतलब है कि, पश्चिमी राजस्थान की सीमाओं में लगातार पिछले कई महीनों से टिड्डियों का बड़ा हमला हो रहा है और अगर अब ओर टिड्डीयों का दल सोमालिया से राजस्थान पहुंचेगा तो ऐसे में वहां पर फसलों को काफी बड़ा नुकसान पहुंच सकता हैं। कोरोना वायरस महामारी के कारण किसान पहले से ही चिंतित है व टिड्डीयों के दाल से किसान किसी तरह लड़ ही रहे थे एंव चिंतापूर्ण विषय यह है कि, अगर वक्त रहते इन टिड्डीयों को रोका नहीं गया तो किसानों को भारी नुकसान होगा और उनकी आर्थिक स्थिति डगमगा जाएगी।
-निधि जैन

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