जनसंख्या नियंत्रण कानून

 कोरोना वायरस के चलते देशभर में लॉकडाउन दो बार बढ़ाया जा चुका हैं। हालांकि अभी भी कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या मे लगातार इजाफा हो रहा हैं। ऐसे में इस संक्रमण को रोकने के लिए सरकार तमाम एहतियातन कदम उठा रही है, लेकिन बढ़ती जनसंख्या से काफी दिक्कतें सामने आ रही है, क्योंकि देश में संसाधन सीमित है और आबादी बेहद तेजी से बढ़ रही हैं।और हमारा देश विकसित देशो की तुलना में ओर पिछड़ता जा रहा हैं।

लॉकडाउन में ठप्प पड़ी अर्थव्यवस्था की वजह से करोड़ों लोग बेरोजगार हो गए है व रोजगार उनसे छिन गया हैं। हालही में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी बढ़ती जनसंख्या पर चिंता जताई और कहां है, कि कोरोना संकट से हमें सबक लेना चाहिए व जनसंख्या नियंत्रण पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। वरना ऐसी आपदाओं के भीषण परिणाम हमे भुगतने पड़ सकते है।
गौरतलब यह है, कि अगर सभी लोग मिलकर जनसंख्या विस्फोट पर अंकुश लगाने के लिए एकजुट हो जाएं तो भारत ओर अधिक आत्मनिर्भर बनकर उभरेगा।
-निधि जैन

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