कोरोना योद्धाओं को सलाम

 निराश व्यक्ति के चेहरे पर लाते है नई उम्मीद, सहमें मन में भर देते है नई आशा, ईश्वर का ही एक रूप हैं वह जो लाखों चहरों पर रोजाना लाते है खुशियों की सौगात। उनका जितना आभार व्यक्त करे उतना कम हैं। कोरोना अवश्य ही मानवीय त्रासदी लेकर आया है।

एक ऐसी त्रासदी जिससे कोई भी अछूत नहीं है। यह धीरे-धीरे पूरे विश्व को प्रभावित कर रही है। हालांकि विश्व युद्धों में भी इतनी तेजी से दुनिया के हर एक देश किसी संकट में घिरे हों, ऐसा नहीं हुआ था। भारत की गरीब और कामगार आबादी के लिए तो बहुत ही चुनौतीपूर्ण समय गुजर रहा हैं। दुनिया में अब तक करोडो लोग इस वायरस के संक्रमण में आ चुके है, जबकि पूरी दुनिया में कोरोना से लाखों लोगों की मौत हो चुकी है, वहीं भारत में भी कोरोना वायरस के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं। भारत में कोरोना की तीसरी तहर आने की सम्भावना है। कोरोना वायरस की बढ़ती स्पीड को देखते हुए देश की अर्थव्यवस्था ड़गमगा रही है लेकिन भारत के डॉक्टर, पुलिसकर्मी से लेकर सफाई कर्मी तक लोगों की जान बंचाने के लिए खुद को जोखिम में डाल रहे हैं और सामने आकर लोगों की मदद कर रहे हैं। जो सब निश्चित ही कोरोना के जंग के हीरो हैं।
बहरहाल कोरोना वायरस का खतरा कितना बड़ा है, इसे अब कोई आंकड़ा देकर समझने की जरूरत नहीं है। पूरी दुनिया इसका कहर देख ही रही है। कई ताकतवर मुल्क जो बड़ी अच्‍छी स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाओं की शेखी मारते थे, वह इस वायरस के आगे चित हो गए हैं तथा भारत कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में उन वीरों का पराक्रम देख रहा है, जो सीमा के भीतर घुस आए इस दुश्‍मन से लोहा ले रहे हैं। किसी का भरा-पूरा परिवार है जिससे वो हफ्तों से नहीं मिला, कोई कुंआरा है और घर पर उसके मां-बाप उसकी चिंता में व्याकुल हैं। खतरा भी दोतरफा है। एक तरफ, लगातार संक्रामक बीमारी से जूझ रहे शरीरों के संपर्क में रहना और दूसरा खतरा हमलों का। समाज के तिरस्‍कार का, असहयोग का, उसकी एहसानफरामोशी का।
भारत के सभी अस्पताल कोरोना वायरस मरीजों के इलाज में लगे हुए है। सीनियर तो सीनियर, वहां के जूनियर डॉक्‍टर्स भी दिन-रात एक कर मरीजों को ठीक करने की कोशिश में हैं। खुद अपने परिवार से बात करने का वक्‍त नहीं है मगर मरीजों की खबर जरूर लेते रहते हैं। बात करते-करते डॉक्टरों का गला रुंध जाता है, अपने घरवालों से मिलने में ड़र लगता है क्‍योंकि दोनों तरफ से कभी कुछ भी हो सकता है। हो सकता है वह बीमार पड़ जाएं और मरीजों की केयर ना कर पाएं। यकीनन यह कहना गलत नहीं होगा कि इस महामारी में कोरोना वॉरियर्स भगवान के रूप में नजर आए है लेकिन कोरोना जैसी महामारी के बीच, देश के कुछ हिस्‍सों में ऐसी भी घटनाएं हुई है जो लोगों को शर्मसार करती है, यह सोचने पर मजबूर करती हैं कि भगवान के साथ ऐसा कोई कैसे कर सकता है। जब महामारी देश में अपने चरम पर थी तब कई जगहों से ऐसी घटनाएं सामने आई थी, जहां लोग कोरोना से पीड़ित लोगों का इलाज करने वालों पर पत्‍थरबाजी कर रहे थे, उनसे दुर्व्यवहार कर रहे थे। देश के कई राज्‍यों से ऐसी खबरें सामने आई थी इसलिए यह सवाल उठता है, कि कोई भगवान को कैसे परेशान कर सकता हैं? जिन्‍हें सैल्‍यूट करना चाहिए उनके साथ ऐसा व्यवहार निंदनीय है।
अनजान लोगों के लिए यह डॉक्‍टर्स दिन-रात ड्यूटी कर रहे है। फ्रंटलाइन पर मौजूद डॉक्‍टर्स और हेल्‍थ वर्कर्स कैसे मेंटल ट्रॉमा के बीच काम कर रहे हैं, यह तो हम सोच भी नहीं सकते लेकिन सब कुछ पता होने के बावजूद भी उनके साथ ऐसा व्यवहार क्यों?गौरतलब है कि हमें हमेशा उन लोगों का सम्मान करना चाहिए, उन्हें आदर देना चाहिए न कि उनका मनोबल गिरा ना चाहिए।
-निधि जैन

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