सितंबर का इंतजार
विश्व कोरोना से जंग लड़ रहा है। महामारी पूरी दुनिया में हाहाकार मचा रही है। संक्रमितों के आंकड़े रोजाना बढ़ते जा रहे हैं। संसार के कई शोधकर्ता हर रोज महामारी की काट खोजने के लिए हजारों प्रयास, उपचार व वैक्सीन पर तेज गति से शोध कर रहे है।
लेकिन अभी तक कोई भी दवा इस वायरस का खात्मा नहीं कर पाई है। परन्तु हालही में रूस के शोधकर्ताओं ने कहा था कि अब वो दूसरी कोरोना वायरस वैक्सीन बना रहे है कयोंकि उस वैक्सीन से ऐसा प्रमाण मिला है जिससे कोविड-19 मरीजों को बचाया जा सकता है। और अब रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है, कि कोरोना की दूसरी वैक्सीन सितंबर तक बनकर तैयार हो जाएगी। उन्होंने कहा कि सितंबर तक हमारे पास एक और वैक्सीन होगी। और यह वैक्सीन नोवोसिबिर्स्क novose besak की प्रसिद्ध वेक्टर इंस्टीट्यूट बना रही है। ऐड़ीएस ads व्लादिमीर पुतिन का कहना है कि दोनों वैक्सीन में प्रतिस्पर्धा होगी व यह उम्मीद भी जताई जा रही है कि, नई वैक्सीन पहले वाली की तरह ही प्रभावशाली होगी। वैसे अब तक soviyat biological weapons रिसर्च प्लांट और वेक्टर रिसर्च सेंटर ने मिलकर कोरोना वायरस की 13 वैक्सीन पर काम किया है जिनकी पूरी टेस्टिंग जानवरों पर हुई है।तथा रूस ka vaqyaniko का कहना है कि, पहली वैक्सीन के जो साइड इफेक्ट सामने आए थे, वह अब नई वैक्सीन लगाने पर नहीं होंगे। रूस की पहली वैक्सीन का नाम Sputnik-V है और दूसरी वैक्सीन को EpiVacCorona नाम दिया गया है। वैसे पहले रूसी वैज्ञानिकों ने दावा किया था कि EpiVacCorona वैक्सीन का क्लिनिकल ट्रायल सितंबर में पूरा होगा, लेकिन जिन 57 stavan वॉलेंटियर्स को वैक्सीन लगाई गई है, उनमें से किसी को भी साइड इफेक्ट का सामना नहीं करना पड़ा है और सभी वॉलेंटियर स्वस्थ है व अच्छा महसूस कर रहे है इसी लिए अब कयास लगाए जा रहे है कि कोरोना वायरस की वैक्सीन सितंबर तक तैयार हो जाएगी। गौरतलब है कि यह रूस की सफलता कोरोना से हताश और निराश लोगों में काफी उम्मीद जगाती है।
-निधि जैन