पाउंड पर बापू

 जिंदगीभर अपनी जिंदगी अंग्रजों के दमन और उपनिवेशवाद के खिलाफ सत्‍याग्रह की जंग में व्यतीत करने वाले भारत के राष्‍ट्रप‍िता महात्‍मा गांधी की तस्‍वीर अब ब्रि‍तानी मुद्रा पाउंड पर भी नजर आएगी। गांधी पहले ऐसे अश्‍वेत व्‍यक्ति होंगे जिनकी तस्‍वीर अब पाउंड पर छपने जा रही है।

जिस ब्रिटिश सरकार के सूरज का कभी अस्‍त भी नहीं होता था, और अब उसी के ताकत और वैभव का प्रतीक कहे जाने वाली मुद्रा पर बापू की तस्‍वीर छपना कोई एक ऐतिहासिक घटना से कम नहीं है।संडे टेलिग्राफ अखबार की एक रिपोर्ट के अनुसार सिक्‍कों के डिजाइन और उनके व‍िषयवस्‍तु पर सलाह देने वाली द रॉयल मिंट एटवाइजरी कमिटी ने तो बापू के तस्‍वीर वाले सिक्‍के के डिजाइन पर काम करना भी आरम्भ कर दिया है। तथा इस ऐतिहासिक घटना के मुख्‍य सूत्रधार ब्रिटेन के वित्‍तमंत्री भारतीय मूल के ऋषि सुनक है। जिन्होने अश्‍वेत और अल्‍पसंख्‍यक नस्‍लों के लोगों के आधुनिक ब्रिटेन के निर्माण में सहायता देने वाले लोगों के काम को मान्‍यता देने के अभियान का समर्थन किया था। व ब्रिटेन के वित्‍त मंत्रालय का कहना है कि, वित्‍तमंत्री ऋषि सुनक ने रॉयल म‍िंट एडवाइजरी कमिटी को पत्र लिखकर कहा था कि अश्‍वेत, एशियाई और अन्‍य नस्‍ली अल्‍पसंख्‍यक समुदाय के योगदान को ब्रिटिश सिक्‍कों में एक अहम मान्‍यता मिलनी चाहिए। एंव कमिटी अब मौजूदा समय में महात्‍मा गांधी का अभिनंदन करने के लिए एक सिक्‍का जारी करने जा रही है।
विशेषज्ञों की यह स्‍वतंत्र कमिटी ब्रिटेन के वित्‍तमंत्री को सिक्‍कों के विषयवस्‍तु और डिजाइन की भी सिफारिश करती है। बहरहाल, वैसे तो वर्ष 1869 में जन्‍मे बापू ने आजीवन अहिंसा का समर्थन किया था और इसी हथियार के बल पर भारत को वर्ष 1947 में सम्पूर्ण आजादी दिलाई थी। इसीलिए जब से उनके जन्‍मदिन 2 अक्‍टूबर को अंतरराष्‍ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में मनाया जाता है। लेकिन 30 जनवरी, 1948 को बापू की हत्‍या कर दी गई थी। व बापू ने दक्षिण अफ्रीका में भी अंग्रेजों के दमन के खिलाफ आवाज उठाई थी। तथा भारत में नोटों और सिक्‍कों पर काफी पहले से ही राष्‍ट्रपिता महात्‍मा गांधी की तस्‍वीर अंकित है।
-निधि जैन

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