5 करोड़ की संपत्ति हाथियों के नाम
कुछ दिन पूर्व, जहां केरल में किसी खुदगर्ज इंसान ने अपने खेल के लिए अनानास के भीतर पटाखे छुपा कर तीन जिंदगियों की जान ली थी। हथनी की, उसके बच्चे की, व उस भरोसे की जो हथिनी ने हम इंसानों पर दिखाया था।
हैवानियत की सारी हदें पार कर दी थी।जिसके बाद इस खौफनाक घटना ने मानवधर्म को मानने वाले लोगों व अन्य लोगों को काफी सदमा पहुंचा था। परंतु पटना के दानापुर के जानीपुर मे रहने वाले अख्तर इमाम ने मानवता की प्रतिमान दी है। हाथियों के नाम अपना सब कुछ निछावर करने के बाद अब जानीपुर में सब लोग अख्तर को हाथीयों वाला कहकर पुकारते हैं। क्योंकि उन्होंने अपने हिस्से की लगभग 5 करोड़ रुपए की जायदाद, खेत-खलिहान, मकान, बैंक बैलेंस सभी दोनों हाथिय मोती और रानी के नाम कर दी है। अख्तर ने निस्वार्थ भाव रखकर अपनी 5 करोड़ की जायदाद हाथियों के नाम कर दी जो कि एक प्रशंसापूर्ण कदम है। अख्तर इमाम एरावत संस्था के मुख्य प्रबंधक भी हैं। और उन्होंने बताया कि उनके लिए परिवार हो या समाज, सब कुछ हाथी ही है, व उनका पूरा जीवन हाथियों के लिए ही समर्पित है। इमाम के मुताबिक, उनका बेटा गलत रास्ते पर चला गया था, इसलिए उसे जायदाद से बेदखल कर आधी संपत्ति पत्नी और अपने हिस्से की जायदाद हाथियों के नाम कर दी है।
उन्होंने रजिस्ट्री ऑफिस जाकर दोनों हाथियों के नाम दस्तावेज भी बनवा लिए हैं। व इमाम ने बताया कि एक बार उन पर जानलेवा हमले का प्रयास भी हुआ था व उसी दौरान हाथी ने उन्हें बचा लिया था। अख्तर इमाम का कहना है कि सारी जायदाद हाथियों के नाम कर देने के बाद भी अगर हमें कुछ हो भी जाता है, तो सारी संपत्ति एरावत संस्था के नाम हो जाएगी, ताकि इन हाथियों का संरक्षण सही से हो जाए और इन्हें तस्करों से बचाया जा सके। गौरतलब है कि जहां पैसो की लालसा में लोग जानवरों की तस्करी करते है, व उनको ऊंचे ऊंचे दामों में दूसरे देशों में निर्यात करते हैं। वहां अख्तर इमाम ने सराहनीय कदम उठा कर हाथियों के जीवन को एक नई उम्मीद दी है।
-निधि जैन