महज 225 की काट
कोविड़-19 का बढ़ता संक्रमण दुनियाभर के लिए मौजूदा वक्त में चिंता का सबब बना हुआ है। 210 से भी अधिक देश इस महामारी से प्रभावित है। वास्तविक में, इस महामारी पर नियंत्रण के लिए जिस एक चीज का विश्व भर के लोगों को इंतजार है, वह है कोरोना की काट यानी कोरोना वैक्सीन।
वैसे तो वायरस की वैक्सीन तैयार करने के लिए दुनियाभर में दो सौ से भी ज्यादा प्रोजेक्ट पर काम हो रहा है और अच्छी खबर यह है, कि इनमें से अब 21 से ज्यादा वैक्सीन अपनी क्लिनिकल ट्रायल में भी है। तथा ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की रिसर्च पर बनाईं जा रही वैक्सीन भी इन्हीं में से एक है। और अब यह वैक्सीन अपने आखिरी दौर में है व अग्रणी वैक्सीन निर्माता कंपनी सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया भारत में अब इसे आने वाले समय में कोविशील्ड नाम से लॉन्च करेंगी। हालही में कंपनी की ओर से जारी बयान के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि, अब इस वैक्सीन को महज 225 रुपये में उपलब्ध कराया जाएगा। कंपनी का कहना है कि, इसके तहत भारत और निम्न आय वाले देशों के लिए इस वैक्सीन की 100 मिलियन यानी दस करोड़ खुराक के उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया यानी एसआईआई ने इस वैक्सीन के लिए बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन और गावी के साथ बड़ी साझेदारी भी कर ली है, ताकि हर तबके के लोगों को इस वायरस से छुटकारा मिल सकें।गावी बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन का ही हिस्सा है, जिसका उद्देश्य है कि वह पब्लिक प्राइवेट ग्लोबल हेल्थ पार्टनरशिप के तहत गरीब देशों में टीकाकरण अभियान का समर्थन और सहयोग करे। एंव साझेदारी के तहत बनाई जाने वाली वैक्सीन की 19 करोड़ खुराक सिर्फ भारत और गरीब देशों के लिए होगी। भारतीय कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया को दो वैक्सीन यानी ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और नोवावैक्स की वैक्सीन के उत्पादन में साझेदारी के तहत बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन ने करीब 150 मिलियन डॉलर की सहायता करने का भी फैसला किया है। व पुणे स्थित इस कंपनी को प्रति खुराक के लिए तीन डॉलर लागत आ सकती है। तीन डॉलर को अगर रुपये में आंका जाए तो यह लगभग 225 रुपये होगा। इसलिए ही 225 रुपये में इस वैक्सीन को उपलब्ध कराने जाने की बात कही जा रही है।
बहरहाल, वैक्सीन के उत्पादन और वितरण में तेजी लाने के लिए भी यह साझेदारी आवश्यक थी। और एक बार वैक्सीन फाइनल होते ही इसका उत्पादन बड़े पैमाने पर आरम्भ कर दिया जाएगा ताकि वायरस का प्रकोप संसार से खत्म हो सके और लोगों की जिंदगी पहले की ही तरह उसी पटरी पर वापस आ जाए।
-निधि जैन