क्या 15 अगस्त को मिलेगी कोरोना से मुक्ति
आज जिस तरह से कोविड़-19 महामारी का प्रकोप दुनिया भर में बढ़ता जा रहा है यकीनन, यह कहना गलत नहीं होगा कि अगर अब भी कोरोना की काट नहीं मिली तो कुछ समय बाद देश की आधे से भी ज्यादा जनसंख्या कोरोना से पीड़ित होगी।
वायरस से संक्रमित मरीजों के आंकड़े प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं। लेकिन डॉक्टर भी अपनी तरफ से पूरे प्रयास कर रहे हैं परंतु लोगों की लापरवाही के कारण कोरोना के केस रोजाना बढ़ते जा रहे हैं। वैसे तो संसार के विभिन्न शोधकर्ता अपनी तरफ से पूरे प्रयास कर रहे है, कोरोना का खात्मा करने के लिए। पूरी दुनिया में इस समय लगभग 140 वैक्सीन पर विशाल शोधकर्ता काम कर रहे है, जो अब ट्रायल के विभिन्न फेज में है। जिसमे ब्रिटेन के आक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से लेकर अमेरिकी कंपनी मोडेरना के शोधकर्ता हैं व यह वैक्सीन अब ह्यूमन ट्रायल के तीसरे चरण में हैं और दौड़ में सबसे आगे भी है। लेकिन अब भारत भी इस दौड़ में पीछे नहीं रहा है। भारत ने भी पूर्णतया स्वदेशी तकनीक से आइसीएमआर-भारत बायोटेक की वैक्सीन तैयार की है।जिसका पहला और दूसरा फेज पूर्ण रूप से सफल रहा और ह्यूमन ट्रायल जल्द होगा। व अब अनुमान लगाया जा रहा है, कि अगर सब ठीक रहा तो यह भारतीय वैक्सीन आने वाले स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त को लॉंच हो सकती है। आइसीएमआर और भारत बायोटेक की साझेदारी से बनी इस वैक्सीन का जानवरों पर परीक्षण पूरी तरह से सफल रहा है व इसके ह्यूमन ट्रायल यानी मानव परीक्षण की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद यानी आइसीएमआर के महानिदेशक डॉक्टर बलराम भार्गव का कहना है कि इस वैक्सीन का ह्यूमन ट्रायल जल्द से जल्द पूरा किया जाएगा ताकि 15 अगस्त को इसे आम लोगों के लिए लॉंच किया जा सके। एंव इस वैक्सीन की पूरी प्रक्रिया सरकार की निगरानी में हो रही है तथा इस वैक्सीन को मानव पर उपयोग करने से पहले तीन महीने तक जानवरों पर परीक्षण किया जा चुका है। जिसमें चूहे और खरगोश शामिल हैं। व इन जानवरों पर यह टेस्ट 100 फीसदी कारगर और सुरक्षित रहा। वैज्ञानिकों का कहना है कि भले ही इस वैक्सीन का विकास बहुत कम समय में हो रहा है, लेकिन मानदंडों में कोई ढील नहीं दी गई है व इस वैक्सीन पर सारे परीक्षण किए जाने के बाद एंव पूरे तरह से सटीक पाए जाने के बाद ही इस वैक्सीन को लॉंच किया जाएगा। वैसे तो अब तक के सारे नतीजे काफी उत्साहवर्द्धक रहे हैं।
तो अब आशा है कि, ह्यूमन ट्रायल को तेजी से पूरा करके इस स्वदेशी वैक्सीन को निर्धारित समय सीमा यानी 15 अगस्त को लाल किले पर घोषणा करके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लॉंच कर सकतें हैं। और अनुमान लगाया जा रहा है कि सात जुलाई से पहले ही ट्राइल के लिए लोगों का पंजीकरण भी शुरू हो जाएगा। व यदि अगर स्वतंत्रता दिवस को यह वैक्सीन लॉन्च हुई तो यह दुनिया की पहली वैक्सीन होगी जो कोरोना को मात देगी।
-निधि जैन