दूसरी लहर! कब खत्म होगी

 भारत में कोरोना वायरस की दूसरी लहर पिछले कई सप्ताह से तबाही मचा रही है। रोजाना नए संक्रमित मिल रहे हैं, जबकि हजारों लोगों की जान जा रही है। भारत ही नहीं, दुनिया के लगभग सभी देश कोरोना महामारी की चपेट में आ चुके हैं, लेकिन अभी तक किसी को पुख्ता तौर पर यह नहीं मालूम हुआ है कि आखिर इसकी शुरुआत कैसे हुई। हालांकि, कोरोना वायरस की उत्पत्ति किसी लैब से होने वाली थ्योरी को तब तक ही गंभीरता से लेना चाहिए, जब तक यह गलत साबित नहीं हो जाए।बहरहाल साल 2019 के अंत में चीन के वुहान शहर से दुनियाभर में फैले कोरोना वायरस ने लाखों लोगों की जान ली है, जबकि करोड़ों लोग इसके चपेट में आ चुके हैं। भारत-अमेरिका जैसे देशों को वायरस ने तकरीबन-तकरीबन घुटने के बल ला दिया है। डब्ल्यूएचओ की अगुवाई वाली टीम, जिसने जनवरी और फरवरी में वुहान और उसके आसपास चार सप्ताह बिताए थे, उनका कहना है कि वायरस संभवतः चमगादड़ से मनुष्यों में किसी अन्य जानवर के जरिए से आया हो सकता है। वहीं, लैब से बाहर आने वाली थ्योरी की संभावना नहीं है। वैसे तो दुनियाभर में वायरस की उत्पत्ति को लेकर नेताओं से लेकर साइंटिस्ट्स, तरह-तरह के दावे करते रहे हैं। कई देश इसके पीछे चीन को दोषी तक ठहरा चुके हैं व हाल ही में सामने आई खुफिया रिपोर्ट में चीन द्वारा इस पर 2015 से काम करने की भी बात सामने आ चुकी है एंव हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि महामारी की शुरुआत में यह चीनी चिकित्सक, वैज्ञानिक, पत्रकार और नागरिक ही थे जिन्होंने वायरस के प्रसार के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दुनिया के साथ साझा की थी और वह भी बड़ी व्यक्तिगत कीमत पर।

निधि जैन, लोनी गाजियाबाद 

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