इतिहास दोहराया
36 साल पहले यानी 2 दिसंबर, 1984 की उस रात मौत ने हजारों लोगों को दबे पांव अपने आगोश में ले लिया था। भोपाल का वो इतिहास भयंकर तबाही जिसने शहर में मौत का तांडव मचा दिया था। ऐसा ही मंजर फिर एक बार विशाखापट्टनम में देखने को मिला।
जहां गैस लीक होने से हजारों लोगों की हालत गंभीर बनी हुई हैं। जहां तहां लोग बेहोश पड़े हैं। कई लोगों की मौत भी हो चुकी हैं। कई जानवर भी जहरीली गैस के संपर्क में आकर मारे गए हैं। गैस लीक के चलते हवा जहरीली हो गई है, और अगर गैस का रिसाव हवा में घुल गया तो दूसरे राज्य भी इससे प्रभावित हो जाएगें। लोगों को सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन और भयंकर रुप से खुजली हो रही है।
लगभग 8000 लोगों को केमिकल यूनिट के 3 किलोमीटर के दायरे में अपने घर को खाली करना पड़ा। उनके लिए भोजन सहित अन्य व्यवस्था सरकार द्वारा की जा रही है। राज्य के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने खुद अस्पताल जाकर इस घटना के पीडितों का हाल जाना तथा मारे गए लोगों के परिजनों को व वेंटीलेटर पर इलाज करवा रहे तथा अस्पताल में भर्ती मरीजों को सहायता राशि देने का ऐलान किया हैं।
-निधि जैन