4 साल बाद भी योगी सरकार का जलवा कायम

 यूपी की योगी आदित्‍यनाथ सरकार के शासन को हाल ही में चार साल पूरे हो गए हैं। सरकार के बीते चार सालों के कामकाज पर हुए तमाम सर्वे बता रहे हैं कि योगी सरकार पिछली सरकारों से बेहतर रही है। जनता ने न केवल योगी को बेहतर सीएम बताया बल्कि उन्‍हें पीएम मोदी के बाद प्रधानमंत्री बनने के काबिल भी समझा है। सर्वे की मानें तो अगर इसी समय यूपी में चुनाव हो जाएं तो फिर से बीजेपी की सरकार बननी तय हैं। यूपी में विधानसभा उपचुनाव से लेकर एमएलसी चुनाव सभी में योगी के नेतृत्व में बीजेपी ने जीत हासिल की है। गौरतलब है कि मायावती, अखिलेश यादव की मजबूत पार्टियां और प्रियंका के पदार्पण के बावजूद विपक्ष यूपी में काफी हद तक कमजोर नजर आता है। एबीपी-सी वोटर सर्वे के मुताबिक, लोगों ने योगी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि नौकरियां देना माना है। सवाल पर 28 फीसदी लोगों ने नई नौकरी, 12 फीसदी ने कोरोना महामारी के नियंत्रण, 16 फीसदी ने अपराध नियंत्रण और 16 फीसदी लोगों ने राम मंदिर को योगी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि बताया। सर्वे के मुताबिक, अभी चुनाव हों तो योगी सरकार भारी बहुमत के साथ वापसी करती दिख रही है। सर्वे के मुताबिक, अगर अभी विधानसभा चुनाव होते हैं तो बीजेपी को 41 फीसदी, समाजवादी पार्टी को 24 फीसदी और बीएसपी को 21 फीसदी वोट मिल सकते हैं। हालांकि प्रियंका गांधी की लाख कोशिशों के बावजूद भी कांग्रेस को इस बार भी बड़ा झटका लग सकता है। सर्वे की मानें तो कांग्रेस के खाते में सिर्फ 6 फीसदी वोट शेयर ही जाएगा जबकि अन्य दलों को 8 फीसदी वोट मिल सकते हैं। वहीं, उत्तर प्रदेश के लगभग आधे निवासियों का मानना है कि नरेंद्र मोदी के बाद योगी आदित्यनाथ ही प्रधानमंत्री बनने के काबिल हैं। दिलचस्प बात यह है कि जहां 63.5 प्रतिशत बीजेपी समर्थकों ने प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर योगी को अपना समर्थन दिया, वहीं 42.9 फीसदी बीएसपी समर्थकों, 21.7 फीसदी एसपी समर्थकों और 24.4 फीसदी कांग्रेसियों ने प्रधानमंत्री के रूप में योगी आदित्यनाथ का समर्थन किया है। बहरहाल योगी के लिए लव जिहाद कैम्पेन, नौकरशाही पर नजर रखना और अपराध व भ्रष्टाचार से लड़ने जैसी बातें उनके पक्ष में रही हैं और लोकप्रियता के मामले में भी वह उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव और मायावती से आगे हैं। रोजगार के नए अवसर दिलाने को योगी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जाता है और इसके बाद अपराध पर नकेल कसने से संबंधित मुद्दा दूसरे नंबर पर है। हालांकि अभी भी अधिकतर लोग बीजेपी सरकार के अपने चुनावी वादों को पूरा किए जाने के सवाल के पक्ष में नहीं दिखे। सर्वे के अनुसार, जब लोगों से पूछा गया कि क्या आपको लगता है कि मुख्यमंत्री योगी ने चुनाव से पहले अपने किए वादे पूरे किए हैं? तो 45.7 प्रतिशत ने इसका जवाब ‘ना’ में दिया परन्तु रोजगार के नए अवसर दिलाने, बुनियादी ढांचे के निर्माण में और अपराध व भ्रष्टाचार को रोकने में योगी आदित्यनाथ, अखिलेश और मायावती से कहीं आगे हैं और इसी की तर्ज पर उन्हें इन तीनों में सर्वश्रेष्ठ सीएम के रूप में देखा जाता है।

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