खिल उठी प्रकृति हवा-पानी हुआ शुद्ध


पर्यावरण ऐसे खिल उठा है, मानो लॉकडाउन उसके लिए वरदान बनकर आया है। कोविड-19 महामारी की रोकथाम के लिए 24 मार्च से लागू लॉकडाउन गरीब, प्रवासी मजदूरों के लिए आफत बना हुआ है, लेकिन हर तरफ स्वच्छता का आलम दिखने लगा है।
नीला आसमान नजर आ रहा है। बाग बगीचे सुंदर हो गए हैं। पक्षियों का जीवन खिलखिला उठा है। शोरगुल वाली दुनिया से आराम करने का अवसर मिला है। यह यकीनन संकट की घड़ी है, लेकिन हमें इससे सबक भी लेना चाहिए ताकि पर्यावरण भी स्वच्छ रहे और हमारा जीवन भी सुरक्षित रहे।
-निधि जैन

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