अमेरिका ने की चीन को घेरने की तैयारी
अमेरिका और चीन के बीच जारी तनाव रोजाना नए मोड़ ले रहे है। अभी तक सिर्फ यह दोनों देश एक दूसरे के अधिकारियों पर ही बैन लगा रहे थे, लेकिन अब दोनों देश एक दूसरे के दूतावास भी बंद करवाने के फिराक में है। अमेरिका ने चीन से कहा है कि, वह ह्यूस्टन में अपने वाणीज्यिक दूतावास को 72 घंटे में बंद कर दे। जिस पर चीन ने अभी तक कोई भी सख्त घोषणा नहीं की है, लेकिन अनुमान है कि चीन अब अमेरिका पर पलटवार करके वुहाना या हॉन्गकॉन्ग में अमेरिकी दूतावास बंद करने के आदेश दे सकता है।
तथा इसके अलावा अब अमेरिका दक्षिण चीन सागर में चीन के प्रभुत्व को चुनौती देने के लिए लगातार युद्ध अभ्यास कर रहा है। व हालही में भारतीय नौसेना ने अमेरिकी नौसेना के साथ भी अंडमान निकोबार द्वीप समूह तट के पास सैन्य अभ्यास किया था। एंव इस संयुक्त युद्धाभ्यास में अमेरिकी नौसेना ने दुनिया के सबसे बड़े पोत यूएसएस निमित्ज का भी उपयोग किया था। जिसके बाद अब अमेरिका ने साउथ चाइना सी यानी दक्षिण चीन सागर के विवादित हिस्से से करीब चार हज़ार किमी दूर फिलीपींस सागर में जापान और ऑस्ट्रेलिया की नौसेनाओं के साथ युद्धाभ्यास शुरू कर दिया है।
वैसे तो इस अभ्यास को लेकर जारी किए गए आधिकारिक बयान में अमेरिका ने चीन का नाम नहीं लिया लेकिन चीन दक्षिण चीन सागर के अधिकतर हिस्से पर अपना ही दावा करता आया है। जिसको देखती हुए अमेरिका चीन पर लगातार दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। बहरहाल, तीनों देशों के इस अभ्यास में बारह फाइटर जेट और नौ जंगी जहाजों का प्रयोग किया जा रहा है। व अभ्यास में अमेरिका ने यूएसएस रोनाल्ड रीगन को भी शामिल किया है। और इन अभ्यासों को हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्वतंत्रता सुनिश्चित करने का प्रयास कहा जा रहा है। तथा दो अभ्यासों में भाग लेने वाले चार देश अमेरिका, भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया इस वर्ष नवंबर में हिंद महासागर में होने वाले विस्तारित मालाबार नौसेना अभ्यास में भी शामिल हो सकते हैं, जिसका नेतृत्व भारत करेगा। व ऑस्ट्रेलिया को इस अभ्यास में शामिल होने के लिए औपचारिक न्योता जल्द ही भेजा जाएगा। एंव इन सैन्य अभ्यासों की अहमियत इसलिए बढ़ गई है, क्योंकि यह ऐसे वक्त में हो रहा है जब पूर्वी लद्दाख और दक्षिण चीन सागर में चीन की सेना लगातार आक्रामक रुख अपनाने को तैयार बैठी है। व भारतीय नौसेना ने पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ लगी सीमा पर गतिरोध के मद्देनजर हिंद महासागर क्षेत्र में अपने निगरानी अभियान तथा परिचालन तैनाती को ओर तेज बढ़ा दिया है। और भारतीय नौसेना ने हिंद महासागर के उन क्षेत्रों में ओर चौकसी बढ़ा दी है, जहां पर चीनी नौसेना अक्सर आक्रमण करते रहते हैं।
गौरतलब है कि, इस संकट की घड़ी में भी क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए भारतीय नौसेना, अमेरिकी नौसेना और जापान समुद्री सुरक्षा बल जैसे मित्र नौसैन्य बलों के साथ अपने परिचालन के सहयोग को भी बढ़ावा दे रहे है। संसाधन संपन्न क्षेत्र में चीन की नौसेना के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए अमेरिका, भारत, ऑस्ट्रेलिया, जापान और फ्रांस की नौसेनाओं ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपने आपसी सहयोग को गहरा कर लिया है। जो कि सकरात्मक पहल है। एंव इससे पहले भी भारत ने पिछले महीने जापान की नौसेना के साथ इसी तरह का अभ्यास किया था। व चीन लगातार इन अभ्यासों पर कड़ा ऐतराज जाहिर कर रहा हैं।