90 वर्षीय गेमिंग यूट्यूबर ग्रैंडमा
कहां जाता है कि कुछ सीखने की कोई उम्र नहीं होती, अगर आप दिल से कुछ हासिल करना चाहते हैं तो, आप किसी भी उम्र में क्यों ना हो उसे हासिल कर सकते हैं। उम्र का कोई भी मोड़ क्यों ना हो। बस धड़कनों में नशा जिंदगी का होना चाहिए कुछ हासिल करने के लिए। उम्र का तो हर एक दौर मजेदार होता है, बस उम्र का मजा लेना आना चाहिए।
शायद इसीलिए अंग्रेजी में एक कहावत भी है, कि एज इस जस्ट अ नंबर। कि उम्र सिर्फ एक नंबर है। इसी बात को साबित करती हैं 90 वर्षीय जापान की गेमिंग ग्रैंडमा। जिन्होंने सबका ध्यान अपनी तरफ आकर्षित कर रखा है। ग्रैंडमां का असली नाम हमोका मोरी हैं। परंतु लोग प्यार से इन्हें गेमिंग ग्रैंडमा के नाम से बुलाते हैं। जो कि सोशल मीडिया पर काफी प्रसिद्ध है। हाल ही में इन्हें गिनीज वर्ल्ड ऑफ रिकॉर्ड्स ने दुनिया की सबसे बुजुर्ग गेमिंग यूट्यूबर के खिताब से भी नवाजा है। दादी ने बताया कि उन्हें गेम खेलना बहुत पसंद है। व उन्होंने 39 साल की उम्र से ही गेम खेलना शुरू कर दिया था। और साल 2015 में उन्होंने अपना एक यूट्यूब चैनल भी बनाया। जिसमें वह हर महीने चार से पांच वीडियो अपलोड करती है।
वीडियो में वह कॉल ऑफ ड्यूटी, डूनलेस और एनआईईआर: ऑटोमेटा सहित कई ऑनलाइन गेम खेलती हैं। ग्रैंडमां को सबसे ज्यादा जीटीए खेलना पसंद हैं। वह इस गेम को कई दिनों तक खेल सकती हैं। देखते ही देखते ग्रैंडमा लोगों के बीच काफी मशहूर हो गई। और उनके यूट्यूब चैनल पर इस समय 2,70,000 सब्सक्राइबर हैं। कहने का तात्पर्य यह है कि उम्र को हराना है तो हर शौक जिंदा रखिए। दिल जवां और चेहरे पर मुस्कुराहट के साथ उम्र के हर दौर का पूरा मजा लीजिए।
-निधि जैन