देश का विकास! हर 30 घंटे में एक अरबपति, हर 33 घंटे में 10 लाख गरीब
समूचे विश्व में महामारी, त्रासदी एवं सरकार के द्वारा लिए गए फैसले से जहां कुछ लोगों को परेशानी होती है तो वहीं कुछ लोग ऐसे भी है जो आपदा के समय में भी अवसर तलाश करके अपना मुनाफा करते हैं।
बहरहाल कोरोना वायरस, जब दुनिया के लिए तबाही बनकर आया था, तो उस वक्त अकेले 2021 में ही 12.5 करोड़ से अधिक लोगों की नौकरियां चली गईं थी, लाखों परिवारों की बचत खत्म हो गई थी, अपना और अपनों का इलाज करवाने के लिए लोगों को कर्ज लेना पड़ रहा था तथा वर्ष 2021 में सबसे निचले तबके के लोगों की कमाई में 40 फीसदी की गिरावट आ गई है। हालांकि महामारी से पहले, औसतन 6.7 फीसदी से लोगों की कमाई गिर रही थी लेकिन जब देश त्रासदी में था तो ऐसे समय में भी दुनिया में कुछ ऐसे लोग थे, जिन्हें इस महामारी से फायदा हो रहा था। वैश्विक महामारी कोविड़-19 के दो साल में कई अरबपतियों ने इतनी कमाई की है, जितना उन्होंने 23 साल में भी नहीं कमाया था और ये दावा ऑक्सफैम इंटरनेशनल की रिपोर्ट में किया गया है।दुनिया के 2 हजार 668 अरबपति सामूहिक रूप से 12.7 ट्रिलियन डॉलर यानी 984.95 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति के मालिक हैं, जो कि दुनिया की जीडीपी का 14% हिस्सा है। कोरोना के शुरुआती 24 महीनों में अरबपतियों की संपत्ति में 42 फीसदी यानी 293.16 लाख करोड़ रुपये बढ़ी है। हालांकि दुनिया के 3.1 अरब लोगों के पास संपत्ति के नाम पर कुछ भी नहीं है तो वहीं 10 सबसे अमीर लोगों के पास 3.1अरब से भी अधिक संपत्ति हैं।
कोरोना महामारी के कारण दुनिया के 99 फीसदी लोगों की कमाई में गिरावट आई है तो वहीं महामारी आने के बाद, हर 30 घंटे में एक अरबपति की संख्या में वृद्धि हुई हैं यानी विश्व में 573 अरबपति बढ़े हैं।
गौरतलब है कि महामारी में दवा कारोबार से जुड़े, 40 लोग अरबपति बन गए है। मॉडर्ना और फाइजर जैसी कंपनियों ने हर सेकंड में 1 हजार डॉलर (77,555 रुपये) का मुनाफा कमाया है तो वहीं हर वर्ष 56 लाख लोग, स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिलने के कारण मर जाते हैं यानी हर दिन 15 हजार मौतें होती हैं एवं लगातार बढ़ती मंहगाई व खाने की बढ़ती कीमतों में आए उछाल से दुनिया में गरीबी की दर बढ़ती जा रहीं है और ये अनुमान भी है कि इस साल 26.3 करोड़ लोग आर्थिक संकट की मार झेल सकते है यानी इस वर्ष हर 33 घंटे में 1 करोड़ लोग और गरीब हो सकते हैं।
ये आकड़े देखकर यकीनन ही हर किसी को झटका लगा होगा लेकिन अगर समय रहते इस का समाधान नहीं निकाला गया तो अवश्य ही देश आर्थिक संकट का सामना कर सकता है, जिससे हमारे देश का विकास होना असंभव है। इसलिए सरकार को जल्द से जल्द सख्त कदम उठाने चाहिए जिससे देश के लोगों को गरीबी से बाहर निकलने में सहायता मिलें।
-निधि जैन