कोरोना के बाद ब्रेन फाग बन रहा मुसीबत

 कोरोना को हराने के बाद भी परेशानियां कम नहीं हो रहीं है बल्कि कोविड़-19 संक्रमण से ठीक हुए मरीज में कुछ ओर बीमारियां उभर रहीं हैं। मरीजों का कहना है कि वह अचानक चीजें भूलने लगें है व स्वजन पर चि़ड़चिड़ करने लगे एंव नींद नहीं आ रही, भूख नहीं लग रही जिसके कारण उनके स्वजन भी परेशान हो गए है। वहीं इस पर डॉक्टरों का कहना है कि यह ब्रेन फाग से मिले जुले लक्षण है। कोरोना को हराने वाले 50 प्रतिशत तक मरीजों में इस बात की संभावना होती ही है। कोरोना को हरा चुके मरीजों का कहना है कि उन्हें थकान हो रही है, किसी काम में मन नहीं लग रहा हैं। उनका आत्मवश्विास अचानक से कम हो रहा है। ड़ाक्टरो का मानना है कि कोरोना संक्रमण के दौरान मरीजों में ब्लड क्लॉट यानी नसों में खून के थक्के जमना इसका कारण हो सकता है। संक्रमण के बाद व्यक्ति के शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं। इसमें बीमारी से जुड़ी कई नकारात्मक बातें होती हैं जो दिमाग पर असर करती हैं और इसी स्थिति को ब्रेन फॉग कहते हैं। कोविड इलाज के दौरान मरीजों के दिमाग तक ठीक से ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाना भी इस बीमारी की वजह हो सकती है। कोरोना वायरस का नया रूप शरीर के बाकी अंगों के अलावा दिमाग पर भी असर डाल रहा है। गौरतलब है कि लोग इसको लेकर लापरवाही भी कर रहे हैं। जो बिल्कुल भी ठीक नहीं है। हालांकि सरकार तो इसको लेकर लोगों को जागरूक कर ही रहीं है लेकिन मरीजों को भी इसे लेकिन एहतियातन बरतने होगे ताकि समय रहते उनका इलाज हो सकें।

- निधि जैन

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

वर्ष 2020 की यादें

अब कावासाकी से भी लड़ना है

चीन में कोरोना की वापसी