रूस युक्रेन युद्ध में भारत की भूमिका

जंग खत्म हो जाएगी, लीडर हाथ मिला लेंगे लेकिन बूढ़ी माँ बेटे का इंतज़ार करती रह जाएगी। पत्नी बच्चों को झूठा दिलासा देती रह जाएगी कि पापा जल्दी वापस आएँगे। बहन भाई की प्रतीक्षा करती रहेंगी।

सोचिये, लड़ा कौन और क़ीमत किसने चुकाई ?
एक तरफ़ रूस ने यूक्रेन पर भारतीयों को बंधक बनाने का आरोप लगाया तो दूसरी तरफ़ यूक्रेन ने आरोप ख़ारिज करते हुए रूस पर पलटवार किया। हालांकि इसके बीच ऑपरेशन गंगा के तहत सभी भारतवासी भारत सुरक्षित पहुंच चुके है।
भारत, निष्पक्ष होकर रूस युक्रेन युद्ध में सामंजस्य बिठाने की कोशिश कर रहा है क्योंकि युद्ध किसी भी देश में हो, कहीं पर भी हो उसका असर कहीं न कहीं सभी देश पर होता ही है चाहे वह समान के आयात निर्यात को लेकर हो एवं आर्थिक नुकसान तो होता ही है। भारत, यूक्रेन के साथ भी हालात को लेकर चर्चा कर रहा है वहीं रूस के साथ भी तालमेल बिठाने की कोशिश कर रहा है ताकि कच्चे तेल की कमी के संकट से भारत को न जूझना पड़े।
युद्ध की शुरुआत से ही भारत दोनों देशों से संपर्क कर रहा है। यहां तक कि वह अपनी हर कोशिश कर रहा है युद्ध रोकने की। भले भारत का यह रुख पश्चिमी देशों को अखरा है लेकिन, भारत का यही रुख पुतिन के साथ किसी सार्थक बातचीत का पुल भी बन सकता है।
- निधि जैन 

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