वीडियो गेम का हुनर भी कारगर
थोड़ी अजीब लेकिन खौफनाक यह बीमारी हैं जो बेशक़ इंसानियत पर, दुनिया पर भारी पड़ रही हैं। भारत में कोविड-19 के नए मामलों की संख्या में लगातार वृद्धि जारी है। बीते दिन स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, देश में कोरोना से संक्रमण के कुल मामलों की संख्या 69,79,424 पहुंच गई है और कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या के हिसाब से अमेरिका के बाद भारत दुनिया में सबसे प्रभावित देश बन चुका है।
कोविड़-19 का बढ़ता संक्रमण दुनियाभर के लिए मौजूदा वक्त में चिंता का सबब बना हुआ है। 210 से भी अधिक देश इस महामारी से प्रभावित है। वास्तविक में, इस महामारी पर नियंत्रण के लिए जिस एक चीज का विश्व भर के लोगों को इंतजार है, वह है कोरोना की काट यानी कोरोना वैक्सीन लेकिन अभी तक किसी भी देश ने कोरोना वैक्सीन पर मुहर नहीं लगाई है।
बहरहाल अब वीडियो गेम खेलने के शौकीन वालों का यह हुनर कोरोना मरीजों की जान बचाने में मददगार साबित हो सकता है क्योकिं हावर्ड विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने एक खास तरीके का वीडियो गेम विकसित किया है। जिसमें खिलाड़ियों को कोरोना की कुछ वैक्सीन दी जाएगी, जिसका उपयोग करके उन्हें 99 से ज्यादा देशों में फैली महामारी से लोगों को बचाना होगा। शोधकर्ताओं के अनुसार, इस आभासी खेल के दौरान खिलाड़ी जो रणनीति अपनाएंगे उसकी समीक्षा वैज्ञानिक करेंगे और अगर उनकी ओर से अपनाई गई तकनीक कारगर नजर आई तो वैज्ञानिक यही तकनीक दुनियाभर में टीकाकरण के समय लागू करेंगे। शोधकर्ताओं का कहना है कि इस तरीके से इससे उन्हें ओर ज्यादा से ज्यादा ऐसे तरीकों का पता चलेगा, जिससे कम से कम समय में वैक्सीन में ज्यादा से ज्यादा कारगर तरीके से महामारी से निपटा किया जा सकेगा। गौरतलब है कि इस आभासी खेल को विकसित करने का विचार प्रोफेसर हाल ड्रैकस्मिथ व उनके दल को 2019 में आया था जब वह लोग माताओं और शिशुओं में इंफ्लूएंजा के टीकाकरण पर काम कर रहे थे एंव जब कुछ महीनों बाद ही कोविड फैला तो उन्होंने तय किया कि इस तकनीक को इस वैक्सीन का नेटवर्क बनाने में भी प्रयोग किया जा सकता हैं। जिससे वायरस पर काबू पाया जा सकें।
वैसे भी कोरोना का पहला टीका आने के बाद उसकी खुराक पूरी दुनिया की आबादी के लिए उपलब्ध होने में काफी लंबा वक्त लगेगा तो ऐसे में शुरूआती चरण के टीकाकरण के लिए संसार में इस विशेष रणनीति को लागू किया जाएगा तो सबसे जरूरतमंद व्यक्ति को सही समय पर टीका उपलब्ध हो सकेगा व इस खेल के जरिए यह भी पता लगाया जा सकेगा कि सीमित मात्रा में उपलब्ध टीके से वैश्विक स्तर पर किस तरह काम हो सकता है।
-निधि जैन
कोविड़-19 का बढ़ता संक्रमण दुनियाभर के लिए मौजूदा वक्त में चिंता का सबब बना हुआ है। 210 से भी अधिक देश इस महामारी से प्रभावित है। वास्तविक में, इस महामारी पर नियंत्रण के लिए जिस एक चीज का विश्व भर के लोगों को इंतजार है, वह है कोरोना की काट यानी कोरोना वैक्सीन लेकिन अभी तक किसी भी देश ने कोरोना वैक्सीन पर मुहर नहीं लगाई है।
बहरहाल अब वीडियो गेम खेलने के शौकीन वालों का यह हुनर कोरोना मरीजों की जान बचाने में मददगार साबित हो सकता है क्योकिं हावर्ड विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने एक खास तरीके का वीडियो गेम विकसित किया है। जिसमें खिलाड़ियों को कोरोना की कुछ वैक्सीन दी जाएगी, जिसका उपयोग करके उन्हें 99 से ज्यादा देशों में फैली महामारी से लोगों को बचाना होगा। शोधकर्ताओं के अनुसार, इस आभासी खेल के दौरान खिलाड़ी जो रणनीति अपनाएंगे उसकी समीक्षा वैज्ञानिक करेंगे और अगर उनकी ओर से अपनाई गई तकनीक कारगर नजर आई तो वैज्ञानिक यही तकनीक दुनियाभर में टीकाकरण के समय लागू करेंगे। शोधकर्ताओं का कहना है कि इस तरीके से इससे उन्हें ओर ज्यादा से ज्यादा ऐसे तरीकों का पता चलेगा, जिससे कम से कम समय में वैक्सीन में ज्यादा से ज्यादा कारगर तरीके से महामारी से निपटा किया जा सकेगा। गौरतलब है कि इस आभासी खेल को विकसित करने का विचार प्रोफेसर हाल ड्रैकस्मिथ व उनके दल को 2019 में आया था जब वह लोग माताओं और शिशुओं में इंफ्लूएंजा के टीकाकरण पर काम कर रहे थे एंव जब कुछ महीनों बाद ही कोविड फैला तो उन्होंने तय किया कि इस तकनीक को इस वैक्सीन का नेटवर्क बनाने में भी प्रयोग किया जा सकता हैं। जिससे वायरस पर काबू पाया जा सकें।
वैसे भी कोरोना का पहला टीका आने के बाद उसकी खुराक पूरी दुनिया की आबादी के लिए उपलब्ध होने में काफी लंबा वक्त लगेगा तो ऐसे में शुरूआती चरण के टीकाकरण के लिए संसार में इस विशेष रणनीति को लागू किया जाएगा तो सबसे जरूरतमंद व्यक्ति को सही समय पर टीका उपलब्ध हो सकेगा व इस खेल के जरिए यह भी पता लगाया जा सकेगा कि सीमित मात्रा में उपलब्ध टीके से वैश्विक स्तर पर किस तरह काम हो सकता है।
-निधि जैन