जल्द से जल्द रोक लगें


देश की उन्नति में जिन्होंने अपना योग दान दिया, देश को जो एक नई ऊंचाइयों पर ले कर गए। उन्हें तो फंसाने की कोशिश की जा रही है पर जो सड़कों पर, गलियों में दिल्ली के चांदनी चौक में, कनॉट प्लेस, पहाड़गंज में हजारों हजारों आदमी ड्रग्स ले रहे हैं ड्रग्स के काले धंधे कर रहे हैं उनकी तरफ तो प्रशासन का कोई ध्यान नहीं है। जो देश पर बोझ हैं, जो देश का नाम बदनाम कर रहे हैं, उनके खिलाफ तो कोई कार्रवाही नहीं होती।
बहरहाल, दुनियाभर में युवाओं को अपनी गिरफ्त में लेने के बाद ड्रग्स ने धीरे धीरे भारत में अपने पैर पसारने पूर्ण रूप से शुरू कर दिए है। बदलती लाइफस्टाइल में युवाओं को इसकी ओर आकर्षित किया है। दिल्ली, बैंगलोर जैसे बडे़-बडे़ शहरों में पार्टीयों में ड्रग्‍स बड़ी बेखौफी के साथ सप्‍लाई होने लगे है। जो अवश्य ही भयावह है। गांजा, हेरोइन, क्रिस्टल, मेथ, एलएसडी और कोकीन कुछ इस तरह के ड्रग्स है जिनकी लत अगर आपको या आपके अपनों को लग जाए तो यह जिंदगी बर्बाद कर देते है।
वैसे तो दैनिक या हर दूसरे दिन हम ड्रग दुरुपयोग और ड्रग व्यसन शब्दों के बारे में पढ़ते या सुनते रहते हैं और कई बार लोग इन शब्दों का उपयोग एक-दूसरे के स्थान पर भी कर लेते हैं लेकिन ड्रग दुरुपयोग और व्यसन शब्द अलग-अलग हैं और इनका अर्थ भी अलग होता है। मूल रूप से देखा जाए तो नशीली दवाओं का दुरुपयोग या ड्रग दुरुपयोग और नशे की लत या व्यसन एक प्रकार की अलग-अलग परिस्थितियां हैं।
हालांकि इस तथ्य से इंकार नहीं किया जा सकता कि दोनों अवधारणाएं एक समान निरंतरता पर एक साथ मौजूद हैं परन्तु नशीली दवाओं के दुरुपयोग और व्यसन के बीच तो अंतर होता है, नशीली दवाओं का दुरुपयोग और लत का लगना सहिष्णुता का विचार है। आनंद के लिए एक व्यक्ति ड्रग का उपयोग करना शुरू करता है और अधिक आनंद के लिए वह उच्च खुराक लेता है क्योंकि एक जैसी खुराक के सेवन से आनंद का अनुभव होना कम हो जाता है यानी एक प्रकार की आदत हो जाती है। जच सहिष्णुता के अलावा कुछ भी तो नहीं है। तथा दुरुपयोग का अर्थ किसी पदार्थ का दुरुपयोग करना ही तो होता है। चाहें, दुरुपयोग दवा के उपयोग के पैटर्न और उपयोगकर्ता के जीवन पर होने वाली प्रभाव पर केंद्रित हो। उन ड्रग्स  का उपयोग करना जो आपको डॉक्टर द्वारा नहीं निर्धारित की गई हो उसे ड्रग का दुरूपयोग करना ही कहते हैं। वैसे इसमें कोई संदेह नहीं हैं कि, नकारात्मक नतीजों के बावजूद भी नशीली दवाओं का दुरुपयोग हो रहा है।
जो एक बढ़ती हुई समस्या है। जिस पर रोक लगाना आवश्यक है क्योकिंड्रग का दुरुपयोग सभी आयु वर्ग के लोगों को प्रभावित करता है लेकिन एक अध्ययन में पता चला है कि यह युवास्था के लोगों में अधिक आम है। व इन ड्रग्स में दर्द निवारक, निषिद्ध, चिंता से मुक्ति करने वाली ड्रग्स और उत्तेजक शामिल होती है। और इन ड्रग्स का अधिक समय के लिए सेवन उसकी लत लगा सकता है। गौरतलब है कि समय के साथ नशीली दवाओं का दुरुपयोग और व्यसन होते हैं, लेकिन नशीली दवाओं के सेवन के दौरान एक अवधि में उपयोगकर्ता के जीवन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है और दुनिया में सबसे व्यापक रूप से दुरुपयोग की जाने वाली ड्रग्स हैं कैनाबिस, मारिजुआना और हैशिश। यही वो ड्रग्स है जो लोगों कि जिन्दगी खराब कर देती हैं। युवाओं के बीच ये नशा बहुत लोकप्रिया है। पार्टियों में ये बहुत उपयोग किया जाता है। क्योंकि ये उनके अंदर एक उतसाह पैदा करता है। लेकिन ये स्वास्थ्य के लिए बहुत ही खतरनाक  है। एंव गांजा या मारियुआना को हशीश कैनाबिस नाम  से भी जाना जाता है। इसका नशा करने के लिए लोग किसी भी तरह का दाम चुकाने के लिए तैयार है। हालांकि लंबे समय तक इसका इस्तेमाल करने से रफेफड़े की बीमारी हो जाती है। जिसका इलाज काफी महंगा पढ़ता है। व कोकिन भी एक लोकप्रिय पार्टी ड्रग है जो सबसे ज्यादा खतरनाक नशे में से एक है। इस ड्रग्स की आदत जल्दी नहीं छुटती। और इसका असर दिमाग पर ज्यादा होता है जिससे याद करने की क्षमता पर भी असर पड़ता है और इंसान अपनी याददाश्त तक भूल जाता है  एलएसडी ड्रग्स की भी सबसे ज्यादा डिमांड पॉश इलाकों में होती है। रेव पार्टी में इसकी ज्यादा डिमांड़ रहती है। 
इसका सेवन करने वालों की आंखों की पुतलियां तन जाती है जैसे पुतलियां खींच कर लम्बी कर दी गयी हों व बहुत ज्यादा पसीना आना, जैसे व्यक्ति में असहजता और घबराहट की स्थिति में उत्पन्न होती है। इसका सेवन करने वाले अपने होशो हवास खो देते है। एलएसडी का सेवन करने से गंभीर मनोरोग होने की भी संभावना होती है। तथा स्पीड बॉल हेरोइन और कोकीन का घातक मेल होता है। जिन लोगों को हेरोइन का नशा कम पड़ जाता है वो स्पीड ब़ल का सहारा लेते है। और इस ड्रग्स की ओवर डोज से कई लोगों की तो मौते भी हो जाती है। क्रिस्टल मेथ को भी लेने से शरीर की उर्जा और गतिविधियां तेज होने लगती है। इसे लेने के बाद इंसान को आत्मविश्वास का आभास होने लगता है। यह अवैध तरीके से बनाई जाती है और दुनिया भर में बेची जाती है। इसकी लत आसानी से नहीं छुटती है। उल्लेखनीय है कि एक शोध में सामने आया है कि ड्रग्स को लेने के बाद इसका असर व्यक्ति के शरीर पर काफी लंबे समय के लिए रह जाता है। और अगर कभी गलती से इसका ओवरडोज हो गया तो फिर मुश्किल और भी बढ़ जाती है। कई बार ड्रग ओवरडोज से व्यक्ति की मृत्यु भी हो जाती है। व ड्रग का दुरुपयोग करना तीन समूहों में बाटा गया है, पहला हैअवसाद जिसमें ड्रग्स का उपयोग मस्तिष्क के हिस्से में नींद की गोलियां और हेरोइन लेने जैसे अवसाद का कारण बन सकता है। दूसरा है उत्तेजना यानी नशीली दवाओं के दुरुपयोग से मस्तिष्क की उत्तेजना हो सकती है, जिससे सतर्कता बढ़ जाती है और गतिविधि में वृद्धि होती है। कुछ स्वास्थ्य संबंधी मुद्दे जैसे तेज हृदय गति, आखों की पुतली का फैलना, रक्तचाप, जी मिचलाना या उल्टी का होना, व्यवहार में परिवर्तन इत्यादि होते हैं। तीसरी है हेलुसीनोजेन इसमें ड्रग दुरुपयोग से हेलुसिनेशन या स्वयं से दूर होने की भावना भी उत्पन्न हो सकती है और यह विकृत संवेदी धारणा, अवसाद आदि का कारण बन सकता है।
हम ऐसा कह सकते हैं कि नशे की लत का होना एक बीमारी है, जो किसी व्यक्ति के मस्तिष्क और व्यवहार को प्रभावित करती है। इसमें दवाओं के उपयोग से मिलने वाले फायदे कम हो जाते हैं और कुछ पदार्थ जैसे अल्कोहल, मारिजुआना और निकोटीन को भी दवा ही एक रूप माना जाता है, जब आप इनके आदी हो जाते हैं, तो आप इनके कारण होने वाले नुकसानों को जानने के बावजूद भी इन दवाओं का उपयोग जारी रखते हैं। नशे की लत, खुद की संतुष्टि या आनंद लेने के लिए नशीली दवाओं का उपयोग से शुरू हो सकती है। जिसके बाद लोग इन नशीली दवाओं या ड्रग्स का प्रयोग बार-बार करने लगते हैं। आप कितनी तेजी से इन दवाओं आदी होते हैं व इनके जोखिम, दवाओं की भिन्न्ता पर निर्भर करते हैं.
गौरतलब है कि लोगों को पता होता है कि जो ड्रग्स वो ले रहे है वह उनके लिए हानिकारक है पर फिर भी वह उसके सेवन पर रोक नहीं लगा सकते क्योंकि वह जबतक उसके आदि हो चुके होते है। ड्रग्स के सेवन से रोजाना कईं लोग अपनी जान गवा देते हैं इसलिए यह जरूरी है कि सरकार इसके काले धंधे पर जल्द से जल्द रोक लगाए ताकि भारत का भविष्य बच सकें।
-निधि जैन

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