मजबूर मजबूर
भारत में कोरोना महामारी को देखते हुए सरकार ने लॉकडाउन का तीसरा चरण भी शुरू कर दिया हैं, हालांकि इस दौरान सरकार ने कई बातों पर ध्यान दिया हैं।
जिसमें गरीब से लेकर उद्योगों पर ध्यान दिया गया हैं। और सुनिश्चित करने की पूरी कोशिश की है, कि कोई भी इस संकट में भूखा ना सोए और अर्थव्यवस्था भी न लड़खड़ाए। परंतु इस लॉकडाउन की स्थिति में जो सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। वह है गरीब, किसान व दिहाड़ी मजदूर। लॉकडाउन के कारण कोई यातायात सुविधा न होने की वजह से मजदूर साइकिल व पैदल ही अपने घर के लिए निकल रहे हैं। जिसमें से कुछ की रास्ते में ही तबीयत बिगड़ने से मौत हो रही हैं। कई प्रवासी मजदूर दूसरी जगह ही फंसे रह गए हैं।
गौरतलब यह है कि मजदूर मजबूर हो गए है, रोजगार उन से दूर हो गया है बीमारी तो लाया था अमीर, इसमें गरीब का क्या कसूर हो गया हैं। मजदूर तो हमारे समाज का वह तबका होता है, जिस पर समस्त आर्थिक उन्नति टिकी होती है, अगर वह ही मजबूर हो जाएगा तो राष्ट की प्रगति कैसे होगी।
-निधि जैन