गत दिनों में ओर क्या-क्या होगा?

 इसमें कोई शक नहीं है कि कोरोना वायरस ने समूचे विश्व के लोगों के सिर में दर्द करा हुआ है, और तो और उसके साथ-साथ 2020 से अब तक लोगों के जीवन में कई और परेशानियां ने दस्तक दी है। कोरोना के साथ ही कोरोना स्ट्रेन और अब एक और नई परेशानी का वैज्ञानिकों ने संकेत दिया है।

हाल ही में सेंटर फॉर डिसीज एंड कंट्रोल के वैज्ञानिकों ने कहा है कि अगली महामारी कैंडिडा औरिस के कारण हो सकती है। जो कि एक फंगस है। जो काले प्लेग की तरह दिखता है। वैज्ञानिकों के अनुसार यह फंगस अगर रक्त के साथ प्रवाह करने लगे तो यह काफी घातक हो सकती है। यह अस्पतालों में कैथेटर या अन्य ट्यूब आधारित उपकरणों के माध्यम से शरीर में प्रवेश करती है। जो कि शरीर को काफी नुकसान पहुंचा सकता है।
उल्लेखनीय है कि शोधकर्ताओं ने 2009 में जापान में C.auris वायरस की खोज की थी। आप को बता दें कि C.auris नाम लैटिन भाषा का शब्द है व यह संक्रमण शरीर में कई जगहों पर हो सकता है। हालांकि आमतौर पर इस फंगस के मरीजों को एंटिफंगल दवाओं से ठीक किया जाता रहा है लेकिन यह वायरस सतह पर काफी समय तक जीवित रहता है एंव यह फंगस ठीक कोरोना की तरह सतह पर जमा रहता हैं और ज्यादा लंबे समय तक वायरस का सतहों पर जीवित रहना इस वायरस को कोरोना से भी खतरनाक बनाता है। रिपोर्ट की मानें तो यह वायरस बंदरों से फैलता है। गौरतलब है कि वैज्ञानिकों की मानें तो आने वाले समय में यह वायरस भी कोरोना की तरह वैश्विक महामारी बनकर उभर सकता है। जो अवश्य ही चिंताजनक स्थिति उत्पन्न करत सकता हैं। वहीं इस बीमारी का मुख्य कारण नेचुरल चिजों का अभाव या जलवायु परिवर्तन को माना जा रहा हैं। आलम तो यह है कि C.auris संक्रमण के लक्षणों की पहचान करना हमेशा आसान नहीं होता है, इस समस्या के निदान के लिए प्रयोगशाला में परीक्षण करके ही इस वायरस की पहचान की जा सकती है।
कुल मिलाकर एक बात यह है कि अगर गत दिनों में संसार को एक ओर महामारी से जूझना पढ़ा तो बेशक़ ही देश की अर्थव्यवस्था और नीचे गिर जाएगी व लोगों की दिनचर्या फिर से प्रभावित हो जाएगी। जिससे इस बार लोगों को उभरने में काफी समय लग सकता हैं।
-निधि जैन

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